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विंटेज बाइक का VIP नंबर 10 साल बाद फर्जी निकला:पंजाब से रजिस्ट्रेशन करा लखनऊ में चलाता रहा, 4.50 लाख रुपए में खरीदा था नंबर

लखनऊ में एक युवक को 10 साल बाद पता चला है कि उसके साथ शौक के नाम पर ठगी हुई थी। युवक को विंटेज बाइक का शौक परवान चढ़ा तो उसने गुरुग्राम (तब गुड़गांव) की एजेंसी से इंडियन चीफ विंटेज बाइक निकाली। इसके लिए VIP नंबर उसने 4.50 रुपए में खरीदा था। अब जब उसने अपनी विंटेज बाइक बेची तो RC ट्रांसफर के समय पता चला कि इस नंबर का कोई वाहन ही नहीं है। पीड़ित युवक आलमबाग के आजाद नगर गोपालपुरी रहने वाला इदरीश सिद्दीकी है। उसने अपने साथ 10 साल पहले हुई ठगी के खिलाफ कृष्णानगर थाने में शिकायत दी है। मामले में इंस्पेक्टर कृष्णानगर पीके सिंह का कहना है मुकदमा दर्ज करके जांच की जा रही है। युवक के साथ कूटरचित सरकारी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी की गई थी। इदरीश ने बताया- युवक ने घर आकर रुपए लेकर पंजाब के फरीदकोट से फर्जी रजिस्ट्रेशन कराकर मोटरसाइकिल की RC थमा दी। 10 साल फर्जी RC पर बाइक चलाने के बाद जब वह बाइक बेचने गए तब ठगी का पता चला। 27 फरवरी 2015 को गुड़गांव स्थित टेक्नो ऑटोमोबाइल प्राइवेट लिमिटेड से इंडियन चीफ विंटेज मोटरसाइकिल खरीदी थी। मनचाहा नंबर लेकर 10 चलाता रहा बाइक सभी कागज और टेंपरेरी रजिस्ट्रेशन के बाद वह बाइक घर ले आए। मनचाहा नंबर लेने की इच्छा में मैंने राहिल नामक युवक से संपर्क किया। राहिल ने घर आकर मनचाहा नंबर और स्टेशन फीस के नाम पर 4.50 लाख रुपए ले लिए और PB-04-AZ-4000 का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट उपलब्ध कराया। इसके बाद मैं बाइक चलाता रहा। कुछ समय पहले जब मैंने बाइक बेचने का प्रयास किया तो खरीदार ने कागज चेक करने के दौरान RC को फर्जी बताते हुए बाइक लेने से इन्कार कर दिया। जांच में सामने आया कि गाड़ी संख्या कहीं दर्ज ही नहीं है। पीड़ित का आरोप है कि जब इस बारे में राहिल से संपर्क किया गया। पहले वह टालमटोल करता रहा, बाद में उसने स्वीकार किया कि कागजात फर्जी हैं। लखनऊ से दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की बात कही। इसके अब तक न तो वैध दस्तावेज मिले और न ही रुपए लौटाए गए।


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