दुबई का नाम आते ही जेहन में आती हैं ऊंची-ऊंची इमारतें और सोने के गहने। इसी वजह से दुबई ‘सिटी ऑफ गोल्ड’ भी कही जाती है। सोने के कारोबार में ये मुकाम यूं ही नहीं मिला। इसके पीछे लंबी सरकारी रणनीति रही है। इसी कड़ी में अब दुबई गोल्ड डिस्ट्रिक्ट लॉन्च किया गया है। यह सोने का नया वैश्विक केंद्र माना जा रहा है। दुबई गोल्ड डिस्ट्रिक्ट में दुनिया की पहली गोल्ड स्ट्रीट भी तैयार होगी। ऐसी सड़क, जो सोने की ईंटों से बनेगी। यह पर्यटकों के लिए खास आकर्षण होगी। प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रही इथ्रा दुबई के सीईओ इस्साम गलादारी ने कहा, ‘हम जल्द ही साझा करेंगे कि किस कंपनी को क्या जिम्मेदारी दी जाएगी। इसी हिसाब से कॉस्टिंग और टाइमलाइन तय होगी।’ इससे पहले, दुबई गोल्ड सूक में रखी दुनिया की सबसे बड़ी 64 किलो सोने की अंगूठी भी पर्यटकों को लुभाती है। गोल्ड डिस्ट्रिक्ट 2 किमी चौड़ा और 3 किमी लंबा है। यहां हर समय लगभग 100 टन सोना मौजूद रहता है, जिसकी कीमत करीब 10 हजार करोड़ रु. है। यहां 1000 जूलरी शॉप और 6 होटल हैं। 1 करोड़ से ज्यादा डिजाइन हैं। पुराने और नए गोल्ड सूक को मिलाकर क्षेत्रफल 8 वर्ग किमी होता है। दुबई गोल्ड डिस्ट्रिक्ट ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां दुनिया के बड़े खरीदार, ट्रेडर्स और कंज्यूमर्स एक साथ मिलते हैं। 2025 में 147 से ज्यादा देशों के खरीदार पहुंचे। सोने का दुबई की अर्थव्यवस्था में 30% योगदान है। दुनिया का 40% तक सोना दुबई से गुजरता है
हर साल दुनिया का 40% तक सोना दुबई से गुजरता है। 2024-25 में यूएई ने स्विट्जरलैंड, यूके, भारत और तुर्किये जैसे देशों में 5 लाख करोड़ रु. का सोना निर्यात किया। वह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फिजिकल गोल्ड ट्रेडिंग डेस्टिनेशन बन चुका है।
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