चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर सनातन महासभा ने बुधवार को झूलेलाल वाटिका स्थित गोमती तट पर 150वीं आदि गंगा माँ गोमती महाआरती और सनातन समागम का आयोजन किया। शाम होते ही नदी तट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए। स्वामी कौशिक चैतन्य और स्वामी आनंद नारायण के सानिध्य में सात मंचों से शंखनाद और मंत्रोच्चार किया गया। माँ गोमती की महाआरती आरंभ होते ही घाट दीपों से जगमगा उठा। इस दौरान ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय माँ गोमती’ के जयकारे गूंजे। विधि-विधान से पूजा-अर्चना की महाआरती से पूर्व श्री महालक्ष्मी धन प्राप्ति महायज्ञ आयोजित किया गया। आचार्यों के मार्गदर्शन में यजमानों ने लगभग दो घंटे तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस यज्ञ में विश्व शांति और देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की गई। इस अवसर पर सनातन महासभा के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण ने युवाओं को गोमती नदी के संरक्षण का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि नदी केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि जीवन का आधार है, जिसकी रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं महाआरती के पश्चात 251 दीपों से गोमती तट रोशन हो गया। नदी किनारे दीपों की रोशनी से आकर्षक दृश्य निर्मित हुआ। बच्चों और महिलाओं के लिए रामायण, गीता और शरीर विज्ञान पर आधारित प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिनमें प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।।भजन गायिकाओं शशि गुप्ता, मीरा तिवारी और गीता निगम ने भजन प्रस्तुत किए, जिससे वातावरण भक्तिपूर्ण हो गया। श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में लीन रहे। ये रहे मौजूद कार्यक्रम के समापन पर धर्म विस्तार के संकल्प के साथ पदाधिकारियों को गंगाजल और कृपाण भेंट कर सम्मानित किया गया। इस आयोजन में प्रदेश अध्यक्ष रवि कचरू, उमेश त्रिपाठी, सुधांशु शुक्ल, पल्लवी सिंह, संजीव पांडेय, राकेश अग्रवाल, शैलेन्द्र श्रीवास्तव, सुशील तिवारी, सुनीता गोस्वामी, अतुल तिवारी, रेनू शर्मा, तेजस्वी गोस्वामी और शक्ति सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समाजसेवी उपस्थित थे।

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