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ग्रीन कॉरिडोर की सड़क धंसने में 3 विभाग जिम्मेदार:पेयजल लाइन शिफ्ट की, पैसा बचाने और जल्दबाजी में नहीं हटाई सीवर लाइन


                 ग्रीन कॉरिडोर की सड़क धंसने में 3 विभाग जिम्मेदार:पेयजल लाइन शिफ्ट की, पैसा बचाने और जल्दबाजी में नहीं हटाई सीवर लाइन

ग्रीन कॉरिडोर की सड़क धंसने में 3 विभाग जिम्मेदार:पेयजल लाइन शिफ्ट की, पैसा बचाने और जल्दबाजी में नहीं हटाई सीवर लाइन

लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर की सड़क उद्घाटन के 2 दिन बाद ही सीवर लीकेज के चलते 5 फीट धंस गई। बीरबल साहनी मार्ग स्थित खाटू श्याम मंदिर के पास सड़क धंसी। इस पर LDA अधिकारी इसे ग्रीन कॉरिडोर से सटे हुए रैंप के पास का हिस्सा बताने में लगे रहे। जबकि, जलकल विभाग के अफसरों का कहना है कि सीवर लाइन शिफ्टिंग को लेकर ग्रीन कॉरिडोर के बनने से पहले ही LDA को सलाह दी गई थी। काम की जल्दबाजी और बजट के चलते इससे किनारा किया गया। निर्माण के दौरान लीकेज की जानकारी स्थानीय लोगों ने निर्माण कर रहे लोगों को दो थी। बावजूद इसके सीवर लाइन सही नहीं की गई, जबकि 2 पेयजल लाइन को शिफ्ट किया गया। जलकल विभाग ने मेंटेनेंस का काम देख रहे जल निगम को लाइन शिफ्टिंग से संबंधित कोई जानकारी नहीं दी थी। सभी विभाग और अधिकारियों में आपसी समन्वय का अभाव रहा। इसके चलते यह लापरवाही हुई। बता दें कि ग्रीन कॉरिडोर का रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 मार्च को उद्घाटन किया था। 15 मार्च को सड़क धंस गई। सड़क धंसने के ये 3 जिम्मेदार… पहला- लखनऊ विकास प्राधिकरण लखनऊ विकास प्राधिकरण की तरफ से ग्रीन कॉरिडोर के फेज-2 का निर्माण कार्य किया गया है। सड़क धंसने के बाद मौके पर पहुंचे जल निगम और जलकल विभाग की कार्यदाई संस्था स्वेज इंडिया से भी लोगों ने कहा कि जब सड़क का निर्माण हो रहा था, तभी यहां पर लीकेज थी। उस समय LDA ने इस पर ध्यान नहीं दिया और सड़क का चौड़ीकरण कर दिया। कंप्रेशर मशीन के दबाव से लीकेज हुआ सड़क धंसने के बाद काम कर रहे इंजीनियर्स और स्थानीय लोगों ने कहा कि सड़क बनने के दौरान जब कंप्रेशर मशीन चल रही थी। उसी के दबाव से यह लीकेज हुआ है। पहले हल्का लीकेज था, लेकिन बाद में यह बड़ा हो गया। जिससे सड़क करीब 5 फीस धंस गई। करीब 20 फीट का गड्ढा खोद कर लाइन को सही करना पड़ा। हालांकि, सड़क धंसने के बाद LDA ने कहा कि इसका कॉरिडोर निर्माण से कोई संबंध नहीं है। अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा के नेतृत्व में टीम ने निरीक्षण भी किया और कहा कि ग्रीन कॉरिडोर सुरक्षित है। दूसरा- जल निगम सीवर लाइन के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी जल निगम की है। मौके पर पहुंचे अधिकारियों से स्थानीय लोगों ने कहा कि सड़क बनाने के दौरान लीकेज की जानकारी संबंधित लोगों को दी गई थी, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। इसके कारण छोटी समस्या बड़ी हो गई। जलकल विभाग की तरफ से लाइन शिफ्टिंग की सलाह पर मुख्य अभियंता जल निगम शमीम अख्तर ने कहा कि जल निगम को इस मामले में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। पेयजल की 2 लाइन शिफ्ट की गई थी। उसका प्रस्ताव भी आया था। जलकल विभाग की तरफ से इससे संबंधित कोई जानकारी या प्रस्ताव नहीं दिया गया। कॉरिडोर बनाने के पहले हुई बैठक में जलकल जीएम ही गए थे। लीकेज की जानकारी पता करने पर उन्होंने कहा कि राइजिंग लाइन में प्रेशर में लाइन चलती है। इसमें पानी बाहर निकलने पर ही जानकारी होती है। लाइन शिफ्टिंग पर आने वाले खर्च पर अधिकारी बताते हैं कि अगर रोड के साथ में लाइन क्रास कर रही है तो कम बजट में काम हो जाता है। अगर साथ में लाइन चलती है तो अधिक खर्च आता है। अब जल निगम की तरफ से स्वेज इंडिया से कहा जाएगा कि ऐसे उपकरण लेकर आएं, जिससे राइजिंग मेन लाइन में लीकेज का पता चल सके। तीसरा- जलकल विभाग लखनऊ जलकल विभाग ने LDA को सीवर लाइन शिफ्ट करने की सलाह दी थी, लेकिन LDA ने काम की जल्दबाजी में इसे नजरअंदाज कर दिया। इस बीच मेंटेनेंस का काम देख रहे जल निगम ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी प्रस्ताव के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या जलकल विभाग की तरफ से लाइन शिफ्टिंग की सलाह देने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई थी? जलकल विभाग के जीएम कुलदीप सिंह ने बताया- कुकरैल पंपिग स्टेशन की तरफ से बड़ी सीवर लाइन जा रही है। इस सीवर लाइन को शिफ्ट करने को लेकर भी बात हुई थी। लेकिन, बड़ी लाइन होने के चलते खर्च अधिक आता। इसके चलते यह प्रस्ताव टाल दिया गया। पढ़िए अब कैसे बनेगी सड़क… LDA को ही करना है बैक फिलिंग ग्रीन कोरिडोर में पाइप लाइन के जॉइंट में गैप हुआ था, जिसकी वजह से जल रिसाव हुआ। जल निगम और सुएज इंडिया की टीम ने समस्या का समाधान कर दिया है। अब इस गड्ढे का बैक फिलिंग लखनऊ विकास प्राधिकरण कराएगा। सड़क का निर्माण भी इसी विभाग के द्वारा पूर्ण कराया जायेगा। स्वेज इंडिया और जल निगम से स्थानीय निवासी द्वारा बताया गया है कि जब सड़क बनाई जा रही थी तब काम कर रहे अधिकारी व कर्मचारी को बताया था कि पानी लीक हो रहा है। सम्बंधित विभाग को सूचित कर दें। ताकि इस समस्या का समाधान हो सके, लेकिन इन सबके बावजूद भी सड़क का निर्माण कार्य करा दिया गया। —————————— संबंधित खबर भी पढ़िए- जलकल की बात मानता LDA तो नहीं धंसती सड़क : ग्रीन कॉरिडोर में 5 फीट गहरा गड्ढा, खर्चे की वजह से सीवर लाइन नहीं हटाई लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर की सड़क धंस गई। बीरबल साहनी मार्ग स्थित खाटू श्याम मंदिर के सामने सड़क में करीब 5 फीट गहरा गड्‌ढा हो गया। गड्ढा सीवर लाइन में लीकेज की वजह से हुआ। घटना के बाद नगर निगम की कार्यदायी संस्था स्वेज इंडिया की तरफ से मरम्मत की जा रही है। सड़क की एक लेन का बंद करके काम किया जा रहा है। सड़क सही करने के लिए करीब 20 फीट चौड़ा गड्‌ढा खोदा गया है। (पूरी खबर पढ़िए)


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