संभल में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से निर्मित मदरसा, मस्जिद और पांच दुकानों को प्रशासन के अल्टीमेटम के बाद खुद ही तोड़ना शुरू कर दिया गया है। यह कार्रवाई खाद के गड्ढे और खेल के मैदान की भूमि पर तीस साल पहले किए गए कब्जे को हटाने के लिए की जा रही है। जनपद संभल के थाना असमोली क्षेत्र के गांव मुबारकपुर बंद का है। बुधवार को गांव में साढ़े तीन बीघा सरकारी भूमि पर बने गौसुल मदरसा और उसके नाम से बनी मस्जिद के निर्माण को तोड़ा गया। पांच दुकानें भी इसकी चपेट में आईं, जिन्हें खाली कराकर तोड़ना शुरू कर दिया गया। आठ मकानों में रह रहे लोगों ने अभी इन्हें तोड़ने से इनकार कर दिया है। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया के आदेश पर तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने ग्राम समाज की भूमि को कब्जा मुक्त कराने के संबंध में कार्रवाई शुरू की। राजस्व निरीक्षक गुमसानी चंद्रपाल सिंह के नेतृत्व में हल्का लेखपालों की एक टीम गठित की गई थी। इस टीम ने गाटा संख्या 623 (खाद के गड्ढे) और गाटा संख्या 630 (खेल का मैदान) की पैमाइश की। बीते शनिवार को पुलिस बल के साथ गांव पहुंची राजस्व प्रशासन की टीम ने यह पैमाइश पूरी की थी। राजस्व प्रशासन की पैमाइश के बाद अवैध कब्जाधारियों को आठ दिन में निर्माण हटाने का अल्टीमेटम दिया गया। करीब तीस साल पहले खाद के गड्ढे और खेल के मैदान पर अवैध कब्जा कर मदरसे का निर्माण किया गया था। कुछ साल पहले इसी मदरसे के नाम से एक मस्जिद भी बनाई गई थी। इसके साथ ही सरकारी भूमि पर पांच दुकानें और आठ मकान भी बना लिए गए थे। तोड़ी गई दुकानों में हामिद पुत्र नूरुद्दीन की समोसा-पकौड़े की दुकान, अफजल पुत्र सुलेमान की हरी सब्जी की दुकान, शाने आलम पुत्र पीर बख्श की समोसा-पकौड़े की दुकान, फरमान पुत्र कल्लू का मेडिकल स्टोर और अजगर पुत्र इलियास का जन सेवा केंद्र शामिल थे। प्रशासन की चेतावनी के बाद गांव के ही आबिद हुसैन को मदरसा-मस्जिद और अन्य दुकानों को तोड़ने का ठेका दिया गया। बीते मंगलवार और बुधवार को आधा दर्जन मजदूरों ने इन अवैध निर्माणों को तोड़ा है।

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