समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एनजीओ की विदेशी फंडिंग को नियमित करने के नाम पर लाए जा रहे Foreign Contribution (Regulation) Amendment 2026 पर भाजपा सरकार को घेरा है। उन्होंने पूछा कि पीएम केयर्स फंड में विदेशों से आए पैसे का क्या होगा और इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से प्राप्त धन को भाजपा कब लौटाएगी, खासकर जब इलेक्टोरल बॉन्ड को ही अवैध घोषित कर दिया गया है। यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा एनजीओ पर अवांछित नियंत्रण करके उन्हें अपनी कठपुतली बनाना चाहती है और धीरे-धीरे उनकी संपत्तियों को हड़पना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार खुद तो कुछ करती नहीं है और जो सच्चे स्वतंत्र एनजीओ अच्छा काम कर रहे हैं, उन्हें भी नहीं करने देना चाहती है, क्योंकि कई बार गैर सरकारी संस्थाएं सरकार से ज़्यादा अच्छा काम कर दिखाती हैं, जिससे सरकार की नाकामी उजागर होती है। अखिलेश यादव ने यह भी पूछा कि विदेश से विधि-विधान से आ रहे धन पर तो प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं, लेकिन उस अकूत धन का क्या जो अवैध रूप से विदेश जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार उन भगोड़े भाजपाई भाइयों की संपत्तियां जब्त करेगी जो विदेश में आराम से ऐश कर रहे हैं, या उन्हें भी विशेष छूट मिलती रहेगी। उन्होंने मंदिर निर्माण के नाम पर चंदा इकट्ठा करने वाले भाजपा से जुड़े संगठनों पर भी सवाल उठाए और कहा कि उनसे जुड़े पदाधिकारियों के खातों और संपत्तियों से वसूली की जानी चाहिए।अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा की बदनीयत और बेईमानी ही उसके हर बिल की बुनियाद होती है। उन्होंने जनता से भाजपा का “पक्षपात का एटीएम” बंद करने का आह्वान किया।

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