आगरा में 4 साल पहले एत्माद्दौला थाना क्षेत्र के प्रकाश नगर में ससुर ने अपने दोनों बेटों के साथ मिलकर बहू और अपने रिश्तेदार की डंडों से पीट और फरसे से काटकर हत्या कर दी थी। हत्याकांड का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। इस मामले में 1 अप्रैल 2026 को कोर्ट ने तीनों आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई है। वहीं, विवेचक तत्कालीन सीओ व वर्तमान में एसीपी सुकन्या शर्मा व थाना प्रभारी विनोद कुमार को साक्ष्य संकलन में लापरवाही और साक्ष्य से छेड़छाड़ के लिए तल्ख टिप्पणी की है। इनके खिलाफ प्रकीर्ण वाद दायर करने और कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव को आदेश दिया है। 27 मई 2022 को थाना एत्माद्दौला के प्रकाश नगर में डबल मर्डर हुआ था। ये मर्डर मदन, उसके बेटे गौरव और अभिषेक ने मिलकर किया था। मदन के बडे़ बेटे गौरव की पत्नी और मौसेरे भाई शिवम को बेरहमी से मारा गया था। हत्या का एक सीसीटीवी भी सामने आया था। इस मामले में कोर्ट ने आरोपियो को फांसी की सजा सुनाई। एडीजीसी मोहित पाल ने बताया कि कोर्ट ने इस प्रकरण में तत्कालीन विवेचक सुकन्या शर्मा व थाना प्रभारी पर साक्ष्य संकलन में लापरवाही व छेड़छाड़ पर कार्रवाई के आदेश दिए है। कोर्ट ने आरोपियों की मां नीलम की कॉल डिटेल विवेचना में शामिल न करने को बड़ी लापरवाही माना है। इसके अलावा हत्या के डिजीटल साक्ष्य जो कि लाइव वीडियो की जगह दूसरे वीडियो को डाल दिया गया। इसके लिए दोनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम के माध्यम से मुख्य सचिव को कोर्ट के निर्णय की प्रति भेजने के आदेश दिए हैं, जिससे कमेटी गठित कर कार्यवाही की जा सके।
ये था पूरा मामला
करीब 4 साल पहले 2022 में अवैध संबंध के शक में गौरव ने अपनी पत्नी पूजा और मौसेरे भाई शिवम को फरसे से काट डाला था। डबल मर्डर में उसका साथ उसके पिता मदन और छोटे भाई अभिषेक ने दिया था। पिता और बेटों ने पहले पूजा और शिवम को गली में दौड़ा-दौड़ाकर डंडों से पीटा। दोनों जब जमीन पर गिर पड़े तो फरसे से उनके गले काट दिए। पूजा के देवर ने शिवम को 1 मिनट में 22 बार फरसा मारा था। पुलिस को पूजा का शव घर के दरवाजे पर तो शिवम का शव गली में पड़ा मिला था। नाली में खून से सना डंडा मिला था। इस वारदात का CCTV भी सामने आया था। जो महत्वपूर्ण साक्ष्य बना। मामला एत्माद्दौला क्षेत्र का था। 14 गवाह कोर्ट में पेश हुए, CCTV बना अहम सबूत एडीजीसी मोहित पाल ने बताया कि इस मामले में 14 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबसे अहम गवाही शिवम के भाई अभिषेक की रही। वहीं CCTV बना अहम सबूत साबित हुआ। कोर्ट ने साक्ष्य और गवाही के आधार पर तीनों आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई। कोर्ट में सजा सुनाए जाने के बाद भी तीनों दोषियों के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। कोर्ट से बाहर निकलते समय मीडिया के पूछने पर आरोपी ने कहा कि वो उच्च अदालत में अपील करेंगे। उन्हें न्याय पर भरोसा है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडीजे-26 अमरजीत ने दोषियों को फांसी की सजा सुनाई। क्या था मामला, वो पढ़िए… सुशील नगर में रहने वाले 31 साल के शिवम सिसौदिया के घर के पीछे ही उसके रिश्ते के मौसा मदन का घर है। मदन के बडे़ बेटे गौरव की शादी सैंया के खेडिया गांव निवासी पूजा से हुई थी। रिश्तेदारी होने के चलते शिवम का मदन के घर आना जाना था। बताया जाता है कि शिवम और गौरव की पत्नी पूजा के बीच नजदीकियां थीं। 27 मई मई 2022 की दोपहर पूजा से मिलने शिवम उसके घर आया था। दोनों को घरवालों ने एक साथ देख लिया था। इसके बाद घरवालों ने दोनों को एक साथ पकड़ लिया। पूजा के ससुर मदन, पति गौरव और देवर अभिषेक ने गली में दौड़ा-दौड़ाकर शिवम को डंडों से जमकर पीटा। पूजा को भी घर से बाहर निकाल कर डंडों से पीटा। दोनों जमीन पर गिर पड़े तो फरसे से उनके गले काट दिए। मर्डर करने के बाद पति, पत्नी के शव के पास बैठकर रोता रहा था। वहीं ससुर और देवर थाने पहुंचे और सरेंडर कर दिया था।

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