बरेली में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। दुग्ध डेयरी संचालकों और किसानों ने नगर निगम की कार्रवाई को चयनात्मक और भेदभावपूर्ण बताते हुए बुधवार को एकजुट होकर नगर आयुक्त संजीव मौर्य को ज्ञापन सौंपा और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। किसान एकता संघ के बैनर तले पहुंचे किसानों ने आरोप लगाया कि नगर निगम की कार्रवाई केवल डेयरी व्यवसाय से जुड़े लोगों तक सीमित है। उनका कहना है कि शहर में अन्य स्थानों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण मौजूद है, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। इससे प्रशासन पर कमजोर वर्ग को निशाना बनाने का आरोप लग रहा है। संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, नगर निगम की टीम हवाई अड्डा गेट के आसपास बार-बार पहुंचकर डेयरी संचालकों को हटाने का दबाव बना रही है। किसानों का दावा है कि वे मुख्य सड़क से दूर सीमित दायरे में अपना काम कर रहे हैं। किसानों ने बताया कि इससे पहले भी वे हवाई अड्डा गेट से टोल प्लाजा तक पदयात्रा निकालकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर चुके हैं और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ। लगातार अनदेखी से किसानों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अतिक्रमण के नाम पर कथित एकतरफा कार्रवाई नहीं रोकी गई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।

Leave a Reply