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जॉब रेडी बनेंगे छात्र:CSJMU और ‘सरस AI’ के बीच हुआ करार, अब कैंपस में ही मिलेगी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वर्ल्ड क्लास ट्रेनिंग

शहर के युवाओं को अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सीखने के लिए बड़े शहरों या महंगे प्राइवेट संस्थानों का रुख नहीं करना पड़ेगा। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) ने दुनिया के पहले एआई एक्सक्लूसिव हायर इंस्टीट्यूट ‘सरस एआई’ (SARAS AI) के साथ एक समझौता (MoU) किया है। इस साझेदारी का सीधा फायदा कंप्यूटर साइंस, आईटी और इंजीनियरिंग के छात्रों को मिलेगा, जिन्हें अब लेटेस्ट टेक्नोलॉजी पर काम करने और इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से ‘जॉब रेडी’ बनने का मौका मिलेगा। कोर्स और ट्रेनिंग का बदला स्वरूप बुधवार को हुए इस समझौते के तहत अब विश्वविद्यालय में एआई से संबंधित नए पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। इसमें बीटेक और एमसीए के छात्रों के लिए विशेष एआई ट्रेनिंग, ऑनलाइन कोर्सेज और प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग पर फोकस रहेगा। सरस एआई के को-फाउंडर अमित कटारिया और विश्वविद्यालय के जानकारों के बीच हुई चर्चा में तय हुआ है कि छात्रों को किताबी ज्ञान के बजाय प्रैक्टिकल एआई पर ज्यादा काम कराया जाएगा। इससे छात्र न केवल एआई को समझ सकेंगे, बल्कि इसे असल दुनिया की समस्याओं को सुलझाने में इस्तेमाल भी कर पाएंगे। इंटरर्नशिप और प्लेसमेंट के खुलेंगे द्वार इस समझौते की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि करियर निर्माण पर भी जोर दिया गया है। छात्रों को बड़ी कंपनियों में इंटर्नशिप, कौशल विकास प्रशिक्षण और प्लेसमेंट में सीधा सहयोग मिलेगा। इसके साथ ही शिक्षकों के लिए भी विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जाएंगे, ताकि वे छात्रों को लेटेस्ट एआई टूल्स और तकनीक के बारे में अपडेट रख सकें। यह कदम छात्रों को वैश्विक रोजगार बाजार में प्रतिस्पर्धा करने के लिए आत्मविश्वास और जरूरी स्किल प्रदान करेगा। कैंपस में बनेगा हाई-टेक माहौल
कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि सरस एआई के साथ मिलकर ऐसे कोर्स विकसित किए जा रहे हैं जो भविष्य की जरूरतों के हिसाब से हों। इस समझौते के बाद कैंपस में आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। दोनों पक्ष मिलकर एआई रिसर्च पर भी काम करेंगे, जिससे विश्वविद्यालय को नई खोजों और शोध में मदद मिलेगी। इस मौके पर कुलसचिव राकेश कुमार मिश्र, डॉ. आलोक कुमार, डॉ. पुष्पा ममोरिया और प्रो. रॉबिन्स पोरवाल सहित कंप्यूटर साइंस विभाग के सभी शिक्षक मौजूद रहे। इंडस्ट्री की मांग होगी पूरी
आज के दौर में आईटी कंपनियों में एआई के जानकारों की भारी मांग है। यह एमओयू इसी मांग को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल छात्रों का कौशल विकास होगा, बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर पर बेहतरीन करियर के अवसर भी मिलेंगे। समझौते के तहत आने वाले समय में कई एक्सचेंज प्रोग्राम भी शुरू किए जाएंगे, जिनका लाभ छात्र अपने प्रोफेशनल डेवलपमेंट के लिए उठा सकेंगे।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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