गाजियाबाद में मंगलवार रात में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के बाद गेहूं की फसल को 15 से 20% का नुकसान हुआ है। जहां अधिकांश स्थानों पर गेहूं की फसल गिर गई, जो कटाई लगी हुई थी वह भी करीब एक सप्ताह लेट हो चुकी है। किसानों का कहना है कि इससे भूसे की गुणवत्ता खराब हो गई और कटाई के समय मिट्टी फट रही है। हालांकि आज दोपहर के समय धूप खिलने से हल्की राहत मौसम में मिली है। बारिश ने आफत कर दी किसान महेश सिंह का कहना है कि बारिश और आंधी ने किसानों को 20 प्रतिशत नुकसान किया है। पूरा मार्च माह में मौसम बदलता रहा है। अब अप्रैल लग गई, अभी भी बारिश का मौसम बनने से फसल नुकसान हो गई। पहले सरसों को नुकसान पहुंचाया है। अब गेहूं की फसल बर्बाद होने पर है। इधर नीलगाय नुकसान पहुंचा रही हैं। मिट्टी आने से कटाई रुकी महिला किसान बालेश का कहना है कि हम परिवार के साथ गेहूं की कटाई करने पहुंची। लेकिन बारिश से मिट्टी जड़ों के साथ आ रही है। जिससे कटाई एक सप्ताह तक पीछे हो चुकी है। इससे किसानों को नुकसान हुआ है। अभी भी पता नहीं मौसम कब साफ होगा। एक सप्ताह पिछड़ गई कटाई किसान रोहताश निवासी सदरपुर का कहना है कि अप्रैल माह की शुरुआत हो चुकी है। लेकिन बारिश और मौसम खराब होने से गेहूं की फसल एक सप्ताह पिछड़ चुकी है। मिट्टी गीली होने से फसल नरम पड़ गई। साथ ही कटाई में मिट्टी आती है, जिससे भूसे की गुणवत्ता खराब हो गई है। तेज हवा चलने से फसल गिर जाती है। लावा 2 मन तक की कटाई मांग रहे किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल पकने के बाद खड़ी रहती है तो लावा आसानी से काट देते हैं। लेकिन इस समय अधिक फसल गिर गई, जिससे लावा 16 धड़ी बीघा की कटाई मांग रहे हैं। यानी 2 मन बीघा की कटाई के बाद किसान क्या बचा सकेंगे।

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