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हिंदू स्टडीज में मास्टर डिग्री:अब कैंपस में गूंजेंगे वेदों और उपनिषदों के मंत्र, CSJMU में शुरू हुआ एमए हिंदू अध्ययन का खास कोर्स

क्या आप भारत की प्राचीन संस्कृति, वेदों के ज्ञान और ऋषि-मुनियों की परंपराओं को गहराई से समझना चाहते हैं? अगर हां, तो छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) आपके लिए एक अनोखा अवसर लेकर आया है। विश्वविद्यालय ने नए शैक्षणिक सत्र से ‘एमए हिंदू अध्ययन’ (Hindu Studies) कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह कोर्स उन युवाओं के लिए तैयार किया गया है जो आधुनिकता के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर भविष्य की राह बनाना चाहते हैं। केवल धर्म नहीं, जीवन जीने की कला है यह कोर्स आमतौर पर माना जाता है कि हिंदू अध्ययन केवल धार्मिक कर्मकांडों तक सीमित है, लेकिन विश्वविद्यालय का यह पाठ्यक्रम इससे कहीं आगे की सोच रखता है। इसमें छात्रों को भारतीय दर्शन, धर्म, साहित्य, कला और प्राचीन शास्त्रों के साथ-साथ समकालीन विमर्शों के बारे में पढ़ाया जाएगा। वैश्वीकरण और तकनीक के इस दौर में मानवीय मूल्यों को बचाए रखने के लिए सनातन परंपरा की ओर लौटना आज के समय की जरूरत बन गया है। यह कोर्स छात्रों में एक ऐसी समझ विकसित करेगा जो उन्हें समाज और दुनिया के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाएगी। किसी भी स्ट्रीम के छात्र ले सकेंगे एडमिशन इस कोर्स की सबसे बड़ी खासियत इसकी पहुंच है। विश्वविद्यालय ने इसके लिए पात्रता के नियम बेहद सरल रखे हैं। अगर आपने किसी भी विषय (स्ट्रीम) से स्नातक यानी ग्रेजुएशन पूरा कर लिया है, तो आप एमए हिंदू अध्ययन में दाखिला ले सकते हैं। चाहे आप साइंस के छात्र हों या कॉमर्स के, अगर आपकी रुचि भारतीय आध्यात्मिकता और दर्शन में है, तो यह मंच आपके लिए ही है। किफायती फीस में उच्च शिक्षा शिक्षा को हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए विश्वविद्यालय ने इस कोर्स की फीस भी काफी कम रखी है। एमए हिंदू अध्ययन के एक वर्ष की फीस मात्र 11,200 रुपये तय की गई है। कम खर्च में छात्र भारत की गौरवशाली शास्त्रीय परंपरा और आध्यात्मिक ज्ञान को आधुनिक शिक्षण शैली के माध्यम से समझ सकेंगे। इस कोर्स के जरिए हिंदू अध्ययन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत अकादमिक विषय के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। सांस्कृतिक चेतना जगाने की पहल
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि हिंदू अध्ययन केवल एक डिग्री नहीं है, बल्कि यह भारत की आत्मा को जानने और जीने का एक प्रयास है। आधुनिक शिक्षा पद्धति और पारंपरिक भारतीय ज्ञान-तंत्र का यह समागम छात्रों को आत्म-चिंतन और सनातन मूल्यों से जोड़ेगा। जो छात्र भारतीय संस्कृति और दर्शन में गहरी रुचि रखते हैं, उनके लिए यह एक स्वर्णिम अवसर है कि वे औपचारिक रूप से इस विषय की पढ़ाई कर करियर के नए रास्ते तलाश सकें।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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