इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामपुर के सपा सांसद होहिबुल्लाह के चुनाव की वैधता की चुनौती याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा हारे भाजपा प्रत्याशी घनश्याम सिंह लोधी ने चुनाव याचिका में वाद कारण का खुलासा नहीं किया है और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की बाध्यकारी धारा 83 का अनुपालन नहीं किया है। कोर्ट ने विपक्षी सपा सांसद की सी पी सी के आदेश 7नियम 11के तहत दाखिल अर्जी स्वीकार करते हुए भाजपा प्रत्याशी की चुनाव याचिका खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति सी के राय ने याची अधिवक्ता व विपक्षी सांसद के अधिवक्ता को सुनकर दिया है। चुनाव शून्य घोषित करने की मांग थी घनश्याम सिंह लोधी ने सांसद मोहिबुल्लाह के चुनाव को भ्रष्ट आचरण के आधार पर शून्य घोषित करने की मांग की थी। कहना था कि विपक्षी का नामांकन पत्र गलत तरीके से स्वीकार किया गया है और विपक्षी का कहना था कि वाद कारण ही नहीं है जिससे चुनाव प्रभावित हो।इनका कहना थाकि सांसद ने वोटर लिस्ट में नाम स्पेलिंग की त्रुटि दुरुस्त करा ली थी। इसकी जानकारी याची को नहीं थी ।बिना ठोस आधार के मनमाने आरोप में याचिका दायर की गई है। याचिका में वाद कारण का खुलासा नहीं किया गया है।यह कानून के बाध्यकारी नियम का उल्लघंन है। इसलिए याचिका खारिज की जाय।

Leave a Reply