बरेली से संचालित एक ऑनलाइन गेमिंग सट्टा सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। इस गिरोह का नेटवर्क न केवल पूरे देश में फैला था, बल्कि इसके तार पाकिस्तान और दुबई तक जुड़े होने के संकेत भी मिले हैं। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य सरगना अभी फरार है। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का सरगना शिवम और उसके साथी एक विशेष ऑनलाइन गेमिंग ऐप का उपयोग करते थे। वे लोगों को ‘आसान कमाई’ का लालच देकर फंसाते थे। शुरुआत में छोटे मुनाफे देकर विश्वास जीता जाता था, जिसके बाद बड़ी रकम निवेश करवाकर उनके खातों से पैसे निकाल लिए जाते थे। चौंकाने वाली बात यह है कि इस ऐप से विदेशी उपयोगकर्ताओं को भी जोड़ा गया था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कहीं यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय किसी बड़े ठगी नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं है। यह मामला इस सवाल को उठाता है कि क्या बरेली अब ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर धोखाधड़ी का एक उभरता केंद्र बन रहा है। पुलिस को संदेह है कि शहर में ऐसे कई ‘बुक्की नेटवर्क’ सक्रिय हैं, जो डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार कर रहे हैं। एसपी क्राइम मनीष सोनकर के नेतृत्व में साइबर थाना पुलिस ने इस गिरोह के दो सदस्यों, सूर्यभान पटेल और विनीत कुमार को गिरफ्तार किया है। उनके पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, क्यूआर कोड, चेकबुक और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद हुए हैं, जो एक संगठित साइबर धोखाधड़ी प्रणाली की ओर इशारा करते हैं। हालांकि, मुख्य आरोपी शिवम अभी भी फरार है और पुलिस उसे पकड़ने के लिए लगातार दबिश दे रही है। यह घटना दर्शाती है कि कैसे सामान्य दिखने वाले मोबाइल ऐप और डिजिटल भुगतान प्रणालियों का दुरुपयोग करके अपराधी सीमाओं के पार नेटवर्क स्थापित कर रहे हैं। प्रतिबिंब पोर्टल और एनसीआरबी की सहायता से इस गिरोह तक पहुंचना पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।

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