कानपुर के घाटमपुर में प्राइवेट अस्पताल संचालक ने वृद्धा की हालत गंभीर देख उन्हें कानपुर रेफर कर दिया। ऑक्सीजन सपोर्ट देने के ऐवज में परिजनो से चार हजार रुपए ले लिए, जबकि उन्हें खाली सिलेंडर दे दिया, रास्ते में ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म होने से वृद्धा की मौत हो गई। पीड़ित ने डायल 112 पर पुलिस से घटना की शिकायत की, इसके बाद थाने पहुंचकर तहरीर दी। लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ, बेटे ने एसीपी ऑफिस पहुंचकर शिकायत की है। एसीपी ने अपने स्तर से जांच शुरू कर दी है। घाटमपुर थाना क्षेत्र के नौबस्ता पश्चिमी निवासी कुलदीप संख्वार ने घाटमपुर एसीपी कार्यालय पहुंचकर एसीपी कृष्णकांत यादव को शिकायत पत्र देकर बताया कि बीते 16 मार्च को वह अपनी 65 वर्षीय मां प्रेमा देवी जो बीमार थी, उन्हें दिखाने के लिए नगर स्थित उदय नर्सिंग होम में लेकर गए थे। आरोप है, कि जहां पर डॉक्टर ने उन्हें भर्ती कर लिया। दो दिन तक उपचार करने के बाद 18 मार्च की रात लगभग आठ बजे उन्हें कानपुर के मुरारी लाल चेस्ट हॉस्पिटल रेफर कर दिया। आरोप है, कि उनसे अस्पताल संचालक के द्वारा ऑक्सीजन एंबुलेंस का रुपए जमा करा लिया गया, जबकि रास्ते में ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म होने से उनकी मां की उनके सामने तड़प तड़पकर मौत हो गई। पीड़ित ने डायल 112 पर सूचना देने के साथ सुबह थाने पहुंचकर अस्पताल प्रबन्धन की लापरवाही से मां की मौत होने का आरोप लगाया था। लेकिन पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। शिकायत के बाद पुलिस ने नहीं कराया पोस्टमार्टम मृतका के बेटे कुलदीप ने आरोप लगाया कि घाटमपुर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने उनसे कहा कि ऑक्सीजन खत्म होने से मां की जान गई है, उसकी फोटो है, तो तुम्हारा मुकदमा लिख जाएगा, तुम मां का अंतिम संस्कार करके थाने वापस आओ। कुलदीप ने बताया कि जब मां का अंतिम संस्कार करके वापस लौटा और थाने मुकदमे की कॉपी लेने पहुंचा तो उससे कहा कि मां के शव का पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया था। कुलदीप का कहना है, कि पूरी घटना सीसीटीवी फुटेज में कैद है। घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव ने उन्हें जांचकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

Leave a Reply