कानपुर के जाजमऊ थाना क्षेत्र में एक महिला ने हिस्ट्रीशीटर और उसके परिवार के सदस्यों पर अपनी 13 वर्षीय बेटी के अपहरण का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि आरोपियों ने उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर उन्नाव ले गए और फिर वहां से ई-रिक्शा से उसका अपहरण कर लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़िता के अनुसार, उनके पति की मृत्यु के बाद उनकी 13 वर्षीय बेटी घरों में काम करके परिवार का भरण-पोषण करती है। यह घटना हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ कोर्ट में गवाही देने का परिणाम है। पीड़िता ने बताया कि 4 सितंबर 2025 को आरोपियों के झगड़े में उन्होंने गवाही दी थी, जिसके बाद से आरोपी उनसे रंजिश रखने लगे थे। पीड़िता का आरोप है कि गवाही के बाद से आरोपियों ने उनकी बेटी के अपहरण की तीन बार धमकी दी थी। बेटी ने भी इस बारे में जानकारी दी थी, जिसे उन्होंने कोर्ट में भी बताया था। 28 मार्च को आरोपी सुबहान उर्फ मिट्ठू, उसका हिस्ट्रीशीटर भाई शेरा और उस्मान किशोरी को बहला-फुसलाकर उसकी बड़ी बहन के उन्नाव स्थित घर ले गए। यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। बेटी के शनिवार को घर न लौटने पर मां ने उसकी तलाश शुरू की। रविवार को सीसीटीवी फुटेज देखने पर उन्हें अपहरण की जानकारी हुई। पीड़िता ने बताया कि शिकायत दर्ज कराने के लिए उन्हें जाजमऊ थाने के दो दिन चक्कर लगाने पड़े। सबूत देने के बावजूद पुलिस उन्हें टालती रही। पीड़िता ने बताया कि आरोपी शेरा, मिट्ठू और सूफियान आपराधिक प्रवृत्ति के हैं, और शेरा एक हिस्ट्रीशीटर है। उन्हें डर है कि उनकी बेटी के साथ कोई अनहोनी न हो जाए। उन्होंने पुलिस से अपनी बेटी की सुरक्षित वापसी के लिए मदद की गुहार लगाई है। थाना प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि किशोरी की बरामदगी के लिए एक टीम गठित कर दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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