लखनऊ के गोमतीनगर स्थित बड़ा भरवारा इलाके में बच्चों को निःशुल्क शिक्षा और संस्कार प्रदान करने की एक पहल शुरू की गई है। यह पहल अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज, हरिद्वार की लखनऊ इकाई की ओर से संचालित हैं, जो ‘मां सरस्वती बाल संस्कारशाला’ कक्षा 1 से 10 तक के बच्चों को मुफ्त शिक्षा दे रही है। इसका उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है। यह संस्कारशाला उपवन वाटिका, विकल्प खंड-3 में संचालित है। इसका मुख्य उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों के शारीरिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देना है। संस्था का मानना है कि एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और संस्कारों का समावेश आवश्यक है। सामाजिक व्यवहार की शिक्षा भी दी जाती है यहाँ नियमित पाठ्यक्रम के अतिरिक्त बच्चों को योग, प्रार्थना, अनुशासन और सामाजिक व्यवहार की शिक्षा भी दी जाती है। संस्कारशाला ‘स्वस्थ युवा – सशक्त राष्ट्र’, ‘शालीन युवा – श्रेष्ठ राष्ट्र’, ‘स्वावलंबी युवा – संपन्न राष्ट्र’ और ‘सेवाभावी युवा – सुखी राष्ट्र’ जैसे सिद्धांतों को व्यवहार में लाने पर बल देती है। बच्चों तक शिक्षा पहुंचाना है इस पहल का नेतृत्व रंजन कुमार कर रहे है। उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य उन बच्चों तक शिक्षा पहुँचाना है जो संसाधनों की कमी के कारण अच्छी पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। टीम के सदस्य बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण में भी सक्रिय योगदान दे रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो रहा है और समाज में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। ‘माँ सरस्वती बाल संस्कारशाला’ भविष्य में और अधिक बच्चों को जोड़कर इस अभियान का विस्तार करने की योजना बना रही है।

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