देश के प्रमुख चमड़ा कारोबारी और सुपरहाउस प्रमुख मुख्तारुल अमीन को काउंसिल फॉर लेदर एक्सपोर्ट्स (सीएलई) का वाइस चेयरमैन नियुक्त किया गया है। कोलकाता में आयोजित सीएलई की 185वीं प्रशासनिक समिति की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से चुना गया। यह तीसरी बार है जब मुख्तारुल अमीन सीएलई की कमान संभालेंगे। इससे पहले, वह 2007-09 और 2017-19 के दौरान सीएलई के चेयरमैन रह चुके हैं। वह एम. रफीक अहमद के बाद दूसरे ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने तीसरी बार इस प्रतिष्ठित पद पर वापसी की है। अपने पिछले कार्यकालों में अमीन ने चमड़ा उद्योग के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की थीं। इन योजनाओं का निर्यात और कारोबार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा था। उद्योग जगत में उन्हें दूरदर्शी नेतृत्व और संस्थागत मजबूती के लिए जाना जाता है। अमीन लेदर सेक्टर स्किल काउंसिल (एलएसएससी) के चेयरमैन भी रह चुके हैं। यह संस्था देश में चमड़ा क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित और कुशल कार्यबल तैयार करती है। वर्ष 2012 में स्थापित एलएसएससी को राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) से मान्यता प्राप्त है। इसके अतिरिक्त, मुख्तारुल अमीन राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम इंटरनेशनल के निदेशक मंडल में भी शामिल रहे हैं। एनएसडीसी, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के तहत कार्य करता है। मुख्तारुल अमीन फुटवियर डिजाइनिंग एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (एफडीडीआई) के चेयरमैन भी रह चुके हैं। उनके कार्यकाल के दौरान राजस्थान, बिहार और आंध्र प्रदेश में एफडीडीआई के तीन नए कैंपस शुरू हुए थे। वर्तमान में एफडीडीआई के देशभर में कुल 12 कैंपस संचालित हैं। चमड़ा क्षेत्र में अपने लंबे अनुभव, संस्थागत नेतृत्व और निर्यात संवर्धन में योगदान के कारण मुख्तारुल अमीन को उद्योग जगत का एक मजबूत चेहरा माना जाता है। उनकी इस नई नियुक्ति से भारतीय चमड़ा उद्योग को नई दिशा और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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