मिर्जापुर में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अंकित यादव की पुलिस पिटाई के विरोध में सर्वदलीय एवं छात्र संघ एकता मंच ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। विपक्षी राजनीतिक दलों और छात्रों ने इस प्रदर्शन में भाग लिया।प्रदर्शनकारियों ने कटरा कोतवाली प्रभारी बैद्यनाथ पर अंकित यादव की पिटाई की निंदा की। उन्होंने प्रभारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निलंबित करने और पीड़ित का मेडिकल बोर्ड द्वारा दोबारा परीक्षण कराने की मांग की। मंच के सदस्यों ने बताया कि 29 मार्च को रात करीब 8 बजे अंकित यादव को कटरा कोतवाली प्रभारी वैद्यनाथ सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों ने बिना किसी कारण के लॉकअप में बंद कर दिया था। आरोप है कि उन्हें थर्ड डिग्री दी गई, जिससे उनके दोनों हाथों में गंभीर चोटें आईं। उसी रात उन्हें जेल भेज दिया गया था।
सर्वदलीय एवं छात्र संघ एकता मंच ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारी से मामले की जांच कराने की मांग की गई है। मंच ने मांग की कि जांच पूरी होने तक दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाए या लंबी छुट्टी पर भेजा जाए। उन्होंने 29 मार्च को हुए मेडिकल रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए, जिसमें ‘नो इंजरी’ दर्शाया गया था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अंकित यादव के हाथों और शरीर पर चोट के गंभीर निशान अभी भी मौजूद हैं, इसलिए एक निष्पक्ष मेडिकल बोर्ड द्वारा दोबारा जांच कराई जाए। इस प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक कैलाश चौरसिया और भगवती प्रसाद चौधरी, सपा जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी, कांग्रेस कमेटी के दीपचंद्र जैन और नगर अध्यक्ष राजन पाठक, आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉ. बी. सिंह सहित कई अन्य नेता और छात्र कार्यकर्ता शामिल थे।

Leave a Reply