पीलीभीत जिले की लंबे समय से बंद मझोला चीनी मिल के पुनरुद्धार की उम्मीदें फिर से जगी हैं। नगर पंचायत मझोला के चेयरमैन निशांत प्रताप सिंह ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मिल को आधुनिक ‘इंटीग्रेटेड शुगर कॉम्प्लेक्स’ के रूप में विकसित करने की मांग रखी। चेयरमैन सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि मझोला चीनी मिल पीलीभीत और आसपास के हजारों किसानों की आजीविका का प्रमुख स्रोत रही है। मिल बंद होने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है और गन्ना किसानों को अपनी उपज दूर की मिलों में ले जाने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि पुरानी मिल को केवल फिर से चालू न किया जाए, बल्कि इसे भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक एकीकृत चीनी परिसर के रूप में पुनर्जीवित किया जाए। यह परिसर आधुनिक चीनी उत्पादन, इथेनॉल प्लांट और बिजली उत्पादन (को-जनरेशन) जैसी सुविधाओं से लैस होगा। हजारों युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स में गन्ने की पेराई के लिए नई और उच्च क्षमता वाली मशीनरी का उपयोग किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, हरित ईंधन के उत्पादन के लिए एक इथेनॉल प्लांट और मिल के सह-उत्पादों से बिजली बनाने के लिए एक को-जनरेशन इकाई भी स्थापित की जाएगी, जिससे मिल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेगी। निशांत प्रताप सिंह ने जोर देकर कहा कि यदि प्रदेश सरकार इस परियोजना को मंजूरी देती है, तो मझोला सहित पूरे पीलीभीत में हजारों युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा। इससे क्षेत्र से पलायन रुकेगा और स्थानीय बाजार को मजबूती मिलेगी।

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