चित्रकूट में मिशन शक्ति 5 के दूसरे चरण के तहत जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बालिका सोनाली को उसके अदम्य साहस और संघर्ष के लिए सम्मानित किया। यह सम्मान ‘अनंता’ कार्यक्रम के तहत दिया गया, जिसका उद्देश्य समाज में बदलाव लाने वाली प्रेरक कहानियों को उजागर करना है। जिला प्रोबेशन अधिकारी के निर्देशानुसार, हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन की टीम (डीएमसी प्रिया माथुर और जेंडर स्पेशलिस्ट मीनू सिंह) ने सोनाली के घर जाकर उसकी कहानी जानी और काउंसलिंग की। सोनाली को कक्षा 10 से ही दौड़ में रुचि थी और उसने राज्य स्तर पर कई बार तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो बार अपनी पहचान बनाई थी। दुर्भाग्यवश, एक दुर्घटना में उसके पैर में तीन जगह फ्रैक्चर हो गया, जिससे उसे अपनी दौड़ प्रतियोगिता बीच में रोकनी पड़ी। हालांकि, सोनाली का मनोबल नहीं टूटा। लगभग एक वर्ष के इलाज और शारीरिक व्यायाम के बाद उसने फिर से दौड़ में भाग लेना शुरू किया। वर्तमान में, सोनाली उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती की तैयारी कर रही है। वह लिखित परीक्षा में सफल रही, लेकिन दौड़ में दिक्कत के कारण उसे वापस कर दिया गया था। उसने अपनी लगन से पैर का इलाज कराया और अब जनपद की उत्तर प्रदेश परिवहन बस में परिचालक के रूप में कार्यरत है। पुलिस में आने का उसका सपना अभी भी बरकरार है, जिसकी तैयारी वह लगातार कर रही है। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने सोनाली को स्मार्ट वॉच और एक जिला एक उत्पाद (ODOP) देकर सम्मानित किया। उन्होंने संयुक्त जिला चिकित्सालय में विशेष इलाज के लिए भी सहयोग का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि भविष्य में किसी भी समस्या के लिए बालिका सीधे उनसे मिल सकती है। इस सम्मान से अन्य बालिकाओं का मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया गया।

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