कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट और मानव अंग तस्करी के चर्चित मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पवन गुप्ता के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस मामले ने कानपुर की छवि धूमिल की है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन में मांग की कि शहर में ऐसे अस्पतालों और नर्सिंग होम की पहचान की जाए जो बिना मानकों या पर्याप्त अनुमति के संचालित हो रहे हैं अथवा अवैध गतिविधियों में शामिल हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि किडनी ट्रांसप्लांट मामले के तार कई राज्यों से जुड़े बताए जा रहे हैं और कानपुर में 40 से अधिक किडनी प्रत्यारोपण की बात सामने आने से पूरे प्रदेश में चिंता का माहौल है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि मानव अंगों की तस्करी एक गंभीर और अमानवीय अपराध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे मामलों में शामिल अस्पताल संचालकों, दलालों और डॉक्टरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। गुप्ता ने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी डॉक्टर या मेडिकल स्टाफ की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने स्वास्थ्य विभाग से शहर के निजी अस्पतालों, ट्रांसप्लांट सेंटरों और नर्सिंग होम की गहन जांच करने का आग्रह किया। उनका उद्देश्य भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाना है। उन्होंने यह भी मांग की कि अवैध तरीके से चल रहे अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त कर उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह मामला केवल कानपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र की विश्वसनीयता से जुड़ा है। उन्होंने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से इस मामले में त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई करने का आह्वान किया, ताकि आम जनता का भरोसा बना रहे। ज्ञापन सौंपने के दौरान मानेश दीक्षित, आसिफ़ इक़बाल सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।

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