बुलंदशहर में एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके को हिला दिया। पहली नजर में गुमशुदगी लग रही यह घटना धीरे-धीरे इश्क, शक और साजिश की परतें खोलती चली गई। पुलिस की जांच में जो सच सामने आया, वह चौंकाने वाला था, दोस्ती के भरोसे घर से निकला युवक, उसी दोस्त के साथियों के हाथों मौत के घाट उतार दिया गया। इस पूरे मामले में ट्रांसजेंडर से जुड़े रिश्तों का एंगल सामने आने के बाद केस और भी चर्चा में आ गया है। मामला 30 मार्च का है, जब साक्षर कौशिक को उसका दोस्त देवेश घर से बुलाकर अपने साथ ले गया। देवीपुरा इलाके में लगे एक CCTV कैमरे में रात करीब 10:48 बजे दोनों साथ जाते हुए दिखाई दिए। इसके बाद साक्षर घर नहीं लौटा। परिजनों ने जब देवेश से पूछताछ की, तो उसने दावा किया कि साक्षर रात में ही वापस लौट गया था। लेकिन उसकी मां ने बताया कि देवेश खुद सुबह घर आया। यही विरोधाभास इस केस का पहला बड़ा सुराग बना और परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मां के बयान से टूटी कहानी, खुली हत्या की परतें पुलिस ने जब देवेश और उसके परिवार से सख्ती से पूछताछ की, तो मां के बयान और बेटे की कहानी में फर्क सामने आया। यहीं से जांच की दिशा बदल गई। गहराई से पूछताछ करने पर सामने आया कि साक्षर की हत्या पहले ही कर दी गई थी। पुलिस ने शक के आधार पर देवेश समेत अन्य साथियों को हिरासत में लिया और पूछताछ में पूरी साजिश का खुलासा हो गया। इश्क बना हत्या की वजह जांच में सामने आया कि इस पूरे मर्डर की जड़ एक ट्रांसजेंडर अमन से जुड़े रिश्ते थे। साक्षर और उसके दोस्तों के बीच इसको लेकर विवाद और तनाव चल रहा था। इसी इश्क और आपसी रंजिश के चलते देवेश, दीपक, शुभम और ट्रांसजेंडर अमन ने मिलकर साक्षर की हत्या की साजिश रची। चारों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया और सबूत मिटाने की कोशिश की।
सभी आरोपी गिरफ्तार एसपी सिटी शंकर प्रसाद के अनुसार, इस मामले में चारों आरोपियों,अमन, देवेश, दीपक और शुभम को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें जेल भेजा जा रहा है। पुलिस का दावा है कि उत्तर प्रदेश में ट्रांसजेंडर से जुड़े प्रेम संबंधों में हत्या का यह पहला मामला है, जबकि देश में इस तरह की यह छठी घटना बताई जा रही है।

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