गोरखपुर के गोरखनाथ इलाके के आनंदलोक हॉस्पिटल में बुधवार सुबह मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने बताया कि बेटे के पित्त की थैली में पथरी की शिकायत थी। डॉक्टरों ने लापरवाही से ऑपरेशन किया, उसकी जान चली गई। यह कहते हुए परिजन हॉस्पिटल में हल्ला गुल्ला करने लगे। एक तरफ महिलाएं चिल्लाकर रोने लगीं। पिता का कहना था कि मेरा बेटा एसआई की परीक्षा दिया था। इस साल वह दरोगा बनने वाला था। डॉक्टरों की लापरवाही से बेटे की जान चली गई। हंगामे की सूचना पर गोरखनाथ थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची। परिजनों को शांत कराकर उनसे तहरीर की कॉपी ली। परिजनों ने तहरीर देकर डॉक्टर और स्टॉफ पर कार्रवाई की मांग की है। अब विस्तार से जानें पूरा मामला पीपीगंज के वार्ड नंबर 16 भगवानपुर निवासी सुरेश मद्धेशिया की कस्बे में ही चाय की दुकान है। उनके दो बेटे और 3 लड़कियां हैं। बड़ा बेटा अभिषेक मद्धेशिया (25) पुलिस की तैयारी कर रहा था। इस साल उसने एसआई की परीक्षा दी थी। सुरेश ने बताया कि बेटा पढ़ने में बहुत तेज था। परीक्षा में वह पास होता, आंसर शीट भी देख चुका था। हमलोग रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे। अभिषेक मद्धेशिया के पित्त की थैली में पथरी थी। जिसका इलाज गोरखपुर के आनंदलोक हॉस्पिटल में चल रहा था। आनंदलोक के डॉक्टर ने 31 मार्च को ऑपरेशन की डेट दी थी। जिसके मुताबिक अभिषेक को मंगलवार को आनंदलोक में भर्ती कराया गया। रात करीब 8:30 बजे डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन किया। इसके बाद से ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। आरोप लगाया कि गलत ऑपरेशन करने की वजह से बहुत खून निकल गया था। बुधवार भोर में करीब 5:30 बजे उसकी मौत हो गई। लेकिन डॉक्टर ने एक बार भी उसकी हालत के बारे में नहीं बताया। चुपके से मौत के बाद डाॅक्टर और स्टॉफ भाग गए। सुरेश मद्धेशिया ने बताया कि ऑपरेशन से पहले हॉस्पिटल के दो स्टाॅफ ने बोला था कि अभी हंस रहे हो, थोड़ी देर बाद रोना पड़ेगा। जानबूझकर मेरे बेटे का गलत ऑपरेशन किया गया है। इस संबंध में गोरखनाथ थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि मृतक के पिता ने तहरीर दी है। मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।

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