महोबा में प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष भगत सिंह राजपूत का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। बारात पहाड़ी गांव के पास मिले शव को लेकर परिजनों और साथी शिक्षकों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना महोबा शहर कोतवाली क्षेत्र के बारात पहाड़ी गांव के पास हुई। मृतक 50 वर्षीय भगत सिंह राजपूत बरी प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत थे। वह उत्तरप्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष भी थे। मूल रूप से बारात पहाड़ी गांव के निवासी भगत सिंह अपने परिवार के साथ महोबा के आलमपुरा मोहल्ले में रहते थे। बताया गया कि मंगलवार रात वह अपने पैतृक गांव बारात पहाड़ी से दूध लेकर बुलेट बाइक से घर लौट रहे थे। देर रात तक घर न पहुंचने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। बुधवार सुबह करीब चार बजे इठर पहाड़िया के पास उनका शव और बाइक बरामद हुई।
मृतक के छोटे भाई मनोज कुमार और बड़े भाई संजीव कुमार ने इसे सामान्य सड़क हादसा मानने से इनकार किया है। उनके अनुसार, बाइक की दिशा और सिर पर लगी गहरी चोट किसी साजिश की ओर इशारा कर रही है। परिजनों का दावा है कि ईर्ष्या के चलते किसी ने जानबूझकर दुर्घटना का रूप देकर उनकी हत्या की है। साथी शिक्षक अखिलेश वर्मा ने भी इसे सोची-समझी साजिश बताया। उन्होंने तर्क दिया कि सड़क पर बाइक घिसटने के निशान नहीं हैं और न ही मृतक के कपड़े फटे हैं, जो आमतौर पर सड़क दुर्घटनाओं में होते हैं। शिक्षकों ने भगत सिंह राजपूत को एक कर्मठ और मिलनसार व्यक्ति बताते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस हर पहलू से मामले की तफ्तीश में जुटी है।

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