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बरेली में अपराधियों को पकड़ने में मदगार बना यक्ष एप:वॉयस सर्च से पहचान करता, पुराने रिकॉर्ड से मिलान कर सटीक जानकारी देता

उत्तर प्रदेश पुलिस अब हाईटेक पुलिसिंग की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। बरेली रेंज में ‘यक्ष’ ऐप की शुरुआत के साथ अपराधियों पर शिकंजा कसना और भी आसान हो गया है। DIG अजय कुमार साहनी के मुताबिक, यह ऐप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित एक ऐसा स्मार्ट प्लेटफॉर्म है, जो अपराधियों की पहचान से लेकर उनकी गतिविधियों पर नजर रखने तक हर काम को तेज और सटीक बना रहा है। एक क्लिक पर अपराधियों का पूरा डेटा ‘यक्ष’ ऐप एक सिंगल डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां अपराध और अपराधियों से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध है। इससे बीट कांस्टेबल से लेकर बड़े अधिकारी तक किसी भी अपराधी की जानकारी तुरंत हासिल कर सकते हैं। वॉयस सर्च: अपराधी की आवाज से उसकी पहचान कर पुराने रिकॉर्ड से मिलान फेशियल रिकग्निशन: फोटो या चेहरे के जरिए संदिग्ध की सटीक पहचान क्राइम GPT: अपराध के तरीके के आधार पर आरोपी की प्रोफाइल खोजने की सुविधा अब दूसरे जिले में भी नहीं बच पाएंगे अपराधी ‘यक्ष’ ऐप पूरे प्रदेश के डेटा को आपस में जोड़ता है। अगर कोई अपराधी बरेली में वारदात कर कुशीनगर या किसी अन्य जिले में छिपता है, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देता है। इससे अपराधियों की मूवमेंट पर पैनी नजर रखी जा रही है। पीलीभीत लूट कांड का खुलासा हाल ही में पीलीभीत में हुई लूट की घटना में इस ऐप ने बड़ी भूमिका निभाई। संदिग्धों के फोटो अपलोड करते ही उनकी पहचान हो गई। जांच में सामने आया कि आरोपी कुशीनगर के रहने वाले थे। इसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। शस्त्र लाइसेंस से हिस्ट्रीशीटर तक सब पर नजर शस्त्र लाइसेंस का डिजिटल सत्यापन हिस्ट्रीशीटर, गैंगस्टर और इनामी बदमाशों की लिस्ट एक जगह टॉप-10 अपराधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग ‘नो योर क्रिमिनल’ फीचर से बीट पुलिस को मदद चार जिलों में शुरू, पुलिसिंग हुई स्मार्ट बरेली रेंज के बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत में इसका इस्तेमाल शुरू हो चुका है। इससे पुलिस की कार्रवाई पहले से ज्यादा तेज और पारदर्शी हो गई है।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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