बक्सर के मुफस्सिल थाना में एसपी शुभम आर्य ने जनता दरबार लगाया। इस दौरान दर्जनों मामले सामने आए, जिनमें भूमि विवाद से संबंधित शिकायतें अधिक थीं। एक गंभीर मामले में, अखौरीपुर गोला की पूनम देवी ने अपनी सास की मौत के मामले में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित जांच अधिकारी (IO) से स्पष्टीकरण मांगा और पुलिसकर्मी की लापरवाही स्वीकार की। एसपी ने संबंधित अधिकारी से ली जानकारी पूनम देवी ने एसपी को बताया कि उनकी सास की हत्या कर दी गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। एसपी शुभम आर्य ने जब संबंधित आईओ से जानकारी ली, तो पता चला कि यह मामला अखौरीपुर गोला स्थित वार्ड 13 का है। मार्च 2025 में, गली में कचरा फैलाने को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। इस घटना में एक पक्ष से वार्ड पार्षद सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। चार महीने आईसीयू में रहीं, इसके बाद दम तोड़ा घायलों में वार्ड पार्षद छोटे लाला बीन की 65 वर्षीय माता रजनी देवी की हालत बेहद गंभीर थी। उन्हें पहले बक्सर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए बनारस ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। रजनी देवी का चार महीने तक आईसीयू में इलाज चला, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। जांच अधिकारी ने शुरू से ही बरती लापरवाही पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इस मामले के जांच अधिकारी (IO) ने शुरू से ही लापरवाही बरती। घटना के 10 महीने बाद भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका। पुलिस ने आरोपी के घर पर कुर्की की कार्रवाई का इश्तहार भी चिपकाया था, लेकिन आरोपी जमानत लेने में सफल रहे। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर पैसे लेकर मामले में गंभीरता न दिखाने का भी आरोप लगाया। इस पर एसपी शुभम आर्य ने संबंधित आईओ को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने बक्सर डीएसपी गौरव पाण्डेय को मामले में स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया है। एसपी ने इस मामले में जांच अधिकारी की लापरवाही को स्वीकार किया। जनता दरबार में सबसे पहले सामूहिक समस्याओं पर चर्चा की गई, जिसमें अतिक्रमण और शराब से जुड़े मुद्दे प्रमुख रूप से सामने आए।फरियादियों ने शराबबंदी के बावजूद गांवों में शराब की उपलब्धता पर सवाल उठाए। इस पर एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। वहीं चौसा नगर पंचायत क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर भी लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। डॉ. मनोज कुमार यादव ने चौसा नगर पंचायत में सामूहिक शौचालय निर्माण स्थल पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाया।जनता दरबार में यह भी बताया गया कि सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं। जिसको लेकर बताया गया कि तार बदले जा रहे हैं, लेकिन अखौरीपुर गोला पर ओवरब्रिज निर्माण के कारण केबल बिछाने में परेशानी हो रही है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि करीब 15 वर्ष पहले जिस तरह नशे और नशीले पदार्थों की तस्करी होती थी, वैसी स्थिति फिर बन रही है, जिससे बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। अखौरीपुर गोला चौक पर जाम की जटिल समस्या भी जनता दरबार में छाई रही। फरियादियों ने ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने, ऑटो चालकों को सुव्यवस्थित करने और हर अंधे मोड़ पर साइड मिरर लगाए जाने की मांग रखी। इसके बाद हीभूमि विवाद से जुड़े मामलों की भरमार र। पूनम देवी ने मारपीट में महिला की मौत के मामले में पांच माह बीतने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने और जमानत पर छूटे आरोपियों से मिल रही धमकी की शिकायत की। मीरा देवी ने पट्टीदारों पर जबरन खेती करने, फसल काटने और धमकी देने का आरोप लगाया।
राजनारायण वर्मा, पप्पू जायसवाल, महातीम सिंह यादव (सेवानिवृत्त बीएसएफ), रामलाल गुप्ता, बनारसी उपाध्याय, विजय कुमार जायसवाल सहित अन्य लोगों ने भी भूमि विवाद से जुड़े आवेदन दिए। पप्पू जायसवाल ने गेंहू की फसल रौंदकर खराब करने का मामला रखा, जिस पर एसपी ने पुलिस पदाधिकारी को दोषियों को थाने बुलाकर जेल भेजने का निर्देश दिया। अधिकांश भूमि विवाद मामलों के निष्पादन के लिए अंचल अधिकारी को निर्देशित किया गया। जनता दरबार में एसपी ने भरोसा दिलाया कि सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
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