यूपी पीसीएस की परीक्षा में आजमगढ़ जिले में साथ अभ्यर्थी सफल हुए हैं। जिनमें रानी की सराय थाना क्षेत्र के कोटिया के रहने वाले अनुराग पांडेय आठवीं रैंक हासिल कर एसडीएम पद के लिए चयनित हुए हैं। अनुराग पांडे की इंटरमीडिएट तक की शिक्षा जिले के चिल्ड्रेन हायर सेकेंडरी स्कूल में हुई है। जबकि ग्रेजुएशन जिले के श्री दुर्गा पीजी कॉलेज से किया है। अनुराग पांडेय ब्लॉक ठेकमा में ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर तैनात हैं। ग्राम पंचायत अधिकारी की सेवा देने के साथ-साथ सिविल सेवा की तैयारी में भी जुटे हुए थे। उन्होंने दैनिक भास्कर से बात की और अपने निजी जिंदगी से लेकर इंटरव्यू में पूछे गए सवालों पर बात की। उनका कहना है कि खुद से नोट्स बनाकर रेग्युलर तैयारी करे तो सफलता अवश्य मिलती है। मुझे सिलेक्शन की उम्मीद थी पर इतनी अच्छी रैंक आने की उम्मीद बिल्कुल भी नहीं थी। आइए जानते हैं उनका क्या कुछ कहना है। सवाल: सिविल सेवा में जाने का मन कैसे बना? जवाब: इस सवाल के जवाब में अनुराग पांडे का कहना है कि सिविल सेवा की जो प्रतिष्ठा समाज में है। उसको लेकर शुरू से ही सकारात्मक रुझान रहा है। सिविल सेवा विविध अवसर प्रदान करती है। ऐसे में सिविल सेवा की तरफ झुकाव बचपन से ही था। सवाल: सिविल सेवा के लिए किस तरह की तैयारी की?
जवाब: घर पर ही नोट बनाकर स्वयं से ही तैयारी की कोई कोचिंग की क्लास नहीं की ऑनलाइन मैटर की मदद लेता था। पेपर और सरकारी वेबसाइट से स्वयं का नोट तैयार कर उसी से तैयारी करता था। सवाल: सोशल मीडिया का प्रयोग कितना सही मानते हैं जवाब: SDM पद पर चयनित अनुराग पांडे का कहना है कि सोशल मीडिया का यदि सही प्रयोग किया जाए तो आपकी तैयारी में बहुत मदद करता है जैसे मंत्रालय के पेज को फॉलो करिए। सकारात्मक प्रयोग करिए किसी कोचिंग पर निर्भरता ना बनाएं अपना खुद का नोट बनाएं स्वयं पर विश्वास कर स्वाध्यान करें। निश्चित रूप से सफलता मिलेगी। सवाल: इंटरव्यू में किस तरह के सवाल पूछे गए?
जवाब: इंटरव्यू में कितने घंटे की ड्यूटी करते हैं। योजनाओं पत्रताओं के बारे में सवाल पूछा गया। इसके साथ ही सिचुएशन बेस्ड सवाल भी पूछे गए। स्मार्ट क्लास क्या है स्मार्ट क्लास क्यों कहते हैं। इसके साथ ही हॉबी के बारे में जब सवाल जवाब हुआ तो अनुराग पांडेय ने कविता और शायरी को अपनी हॉबी बताया। इसके बाद पूछा गया कि ऐसे कौन से शायर थे जो पहले मेरठ में रहे थे। मेरठ में दंगे के कारण भोपाल चले गए थे। जिसका सही जवाब बशीर बद्र के रूप में दिया। इसके साथ ही यह भी पूछा गया की हिंदी में ग़ज़ल का प्रयोग किसने शुरू किया। जिसका जवाब दुष्यंत कुमार के रूप में देने के साथ कुछ पंक्तियां भी सुनाई।

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