जौनपुर के बंद और एकल विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई अब बाधित नहीं होगी। शिक्षा विभाग ने ऐसे 80 विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती की है। अधिसंख्य शिक्षक वाले विद्यालयों से शिक्षकों का समायोजन कर इन स्कूलों में भेजा गया है, जिससे अभिभावकों को नए साल में राहत मिली है। नगर क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी लंबे समय से चिंता का विषय थी। वर्ष 1986 के बाद से नगर के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नई नियुक्तियां नहीं हुई थीं, जिससे व्यवस्था चरमरा गई थी। नगर के 16 प्राथमिक विद्यालयों में केवल 22 शिक्षक तैनात थे, जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एक भी शिक्षक नहीं था। इन स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के सहारे चल रही थी, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित हो रही थी। जौनपुर में केवल नगर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण अंचलों में भी स्थिति गंभीर थी। यहां तीन विद्यालय पूरी तरह बंद थे और 47 विद्यालयों में केवल एक-एक शिक्षक तैनात थे, जिससे इन स्कूलों पर ताला लगने की नौबत आ गई थी। विभाग ने छात्र-शिक्षक अनुपात को ध्यान में रखते हुए उन विद्यालयों की सूची तैयार की, जहां क्षमता से अधिक शिक्षक थे। वहां से 80 शिक्षकों को कार्यमुक्त कर इन बंद और एकल विद्यालयों में भेजा गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. गोरख नाथ पटेल ने बताया कि शिक्षकों की यह तैनाती ‘मिशन कायाकल्प’ और ‘निपुण भारत’ के लक्ष्यों को प्राप्त करने के मुख्य उद्देश्य से की गई है। शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित होने से अब इन विद्यालयों में न केवल पठन-पाठन सुचारू रूप से चलेगा, बल्कि बच्चों को शासन की अन्य योजनाओं का लाभ भी मिल सकेगा।
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