लखनऊ में कब्रिस्तान की जमीन पर मैरिज लॉन बन गया। वक्फ संख्या-360 की इस जमीन पर ‘राज गार्डन’ नाम से अवैध निर्माण कर दिया गया, जबकि यहां करीब 200 कब्रें होने की पुष्टि पहले ही हो चुकी थी। 1985 में (एलडीए) इस भूमि का अधिग्रहण करना चाहता था, लेकिन तत्कालीन लेखपाल की रिपोर्ट में इसे कब्रिस्तान बताया गया। इसके बाद जमीन को अर्जन से मुक्त कर दिया गया। संरक्षण का अधिकार था, बेच डाली जमीन सूत्रों के मुताबिक, जमीन बेचने वाले के पास केवल संरक्षण का अधिकार था, मालिकाना हक नहीं। इसके बावजूद नियमों को दरकिनार कर जमीन का सौदा कर दिया गया और बाद में यहां मैरिज लॉन खड़ा कर दिया गया। 2006 में गिराने का आदेश, 2019 में भी नोटिस एलडीए ने 17 फरवरी 2006 को ही अवैध निर्माण गिराने का आदेश जारी किया था, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ। इसके बाद 2019 में तत्कालीन संयुक्त सचिव ने भी ध्वस्तीकरण का नोटिस दिया, फिर भी कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई।अब मामले की शिकायत एलडीए उपाध्यक्ष से की गई है। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं।

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