मेरठ में बढ़ती ठंड और प्रदूषण से लगातार बीमारियां बढ़ती जा रही है इसमें मुख्य रूप से बच्चे इसकी चपेट में आ रहे हैं बाल रोग विशेषज्ञ के अनुसार बढ़ते प्रदूषण के कारण बच्चों की सांस की नली में इंफेक्शन हो रहा है जिससे उन्हें अन्य बीमारियां भी हो रही है। सांस लेने की नली हुई प्रभावित
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ ध्रुव वशिष्ठ ने बताया कि ज्यादा ठंड और प्रदूषण के कारण नवजात और पांच साल तक के बच्चों में काफी ज्यादा ब्रोंकाइलाइटिस की प्रॉब्लम हो रही है जिसका मलतब होता है कि बच्चे का ऊपरी सांस लेने का ट्रैक प्रभावित हो जाता है। उसमें इन्फेक्शन के साथ प्रदूषण के कण हमारे सांस की नलकी में इकट्ठा हो जाते हैं। जिसकी वजह से दो गुना मजबूती से बच्चो को प्रभावित करती है। बच्चों के साथ यात्रा करने से बचें उन्होंने बताया कि सांस की दिक्कत के कारण या अन्य प्रदूषण के कारण हो रही समस्याओं के कारण बच्चे सामान्य बीमारी से आईसीयू तक में जा रहे हैं। पेरेंट्स ऐसे मौसम में जहां तक संभव हो उसमें बच्चों को लेकर ट्रैवल न करें विशेष रूप से एनसीआर से सटे क्षेत्रों में। क्या बरतें सावधानियां-
– बच्चों को टोपी, मफलर, दस्ताने और पूरे बाजू के कपड़े जरूर पहनाएं ताकि ठंडी हवा सीधे शरीर में न लगे।
– सूप, दलिया, दूध, हल्दी वाला दूध, फल और हरी सब्ज़ियां बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती हैं।
– सुबह–शाम थोड़ी देर खिड़कियां खोलें, और अधिक प्रदूषण होने पर बच्चों को घर के अंदर ही रखें।
– सर्दी-खांसी, सांस या एलर्जी के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
क्या करने से बचें
– बहुत ठंड या कोहरे में अपने बच्चों को बाहर न भेजें
– आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक और खुले में बिकने वाला सामान न दें।
– मुख्य सड़कों, ट्रैफिक और कचरा जलने वाली जगहों से बच्चों को दूर रखें।
– लगातार खांसी, सांस फूलना, आंखों में जलन या बुखार को हल्के में न लें।
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