मिर्जापुर सपा जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी और छानबे (सुरक्षित) विधानसभा सीट से दो बार प्रत्याशी रहीं और और दिवंगत सांसद भाई लाल कोल की बेटी कीर्ति कोल के बीच बातचीत का एक ऑडियो सामने आया है। जिसमें संगठन, चुनावी टिकट, पैसों और पारिवारिक मामलों को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस होती सुनाई दे रही है। संवाद के दौरान सपा जिलाध्यक्ष, महिला प्रत्याशी से अमर्यादित भाषा और लहजे का इस्तेमाल करते सुनाई दे रहे हैं। सपा जिलाध्यक्ष, महिला प्रत्याशी कीर्ति कोल पर उनके खिलाफ षडयंत्र करने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि कीर्ति कौल इससे इनकार कर रही हैं। कीर्ति कौल ने अस्पताल में भर्ती जिलाध्यक्ष का हाल जानने के लिए उन्हें फोन किया था। पर देवी प्रसाद चौधरी अपश्ब्द का इस्तेमाल करते हुए उन्हें धमकाने लगे कि मैंने ही तुम्हे टिकट दिलवाया। चुनाव लड़ने के लिए 3 लाख रुपए दिए, पर अब दूसरे के बहकावे में आकर तुम मेरे लिए अनाब-शनाब बोल रही हो। फिलहाल इस ऑडियो को लेकर पार्टी शीर्ष नेताओं की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। कीर्ति कौल और देवी प्रसाद भी इस ऑडियो को लेकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। पढ़िए, AUDIO में क्या बातचीत हुई… देवी प्रसाद चौधरी- अरे, मेरा डायलिसिस हो रहा है… कभी देखने नहीं आई। कीर्ति कोल- देखने? आपने बताया ही नहीं था। देवी प्रसाद चौधरी- मीटिंग में भाषण देती फिर रही हो। तुझे मैंने जिला पंचायत के लिए कहा था, बुलाकर टिकट दिलाया। चुनाव लड़ने के लिए 3 लाख रुपए दिए। अशोक के कहने पर अनाब-शनाब बोल रही हो। कीर्ति कोल- अध्यक्ष जी, ढंग से बोलिए। आप बुजुर्ग हैं, इस तरह के अपशब्द मत बोलिए। डायलिसिस को लेकर मैंने कुछ गलत नहीं कहा। सिर्फ इतना कहा था कि आप हर महीने बीमार रहते हैं, यहां देखरेख के लिए किसी को रख लेना चाहिए। देवी प्रसाद चौधरी- तुम्हें ही रखवा देता हूं। 3 लाख तुम्हें चुनाव में दिया था। लल्लू शुक्ला के कहने पर अपने पास से दिया था। कीर्ति कोल- अध्यक्ष जी, मेरे हाथ में आपने कोई पैसा नहीं दिया था। देवी प्रसाद चौधरी- घबराइए नहीं, आपको हम फिर चुनाव लड़वाएंगे। पंकज मुझे बराबर फोन करता है, मैं उसे ही मिलवाता हूं। कीर्ति कोल- यही तो आपकी समस्या है अध्यक्ष जी, परिवार में विवाद कराना। आपको यह शोभा नहीं देता। इस तरह से बात करना ठीक नहीं है। देवी प्रसाद चौधरी- सौ बार पंकज ने फोन किया है। मैंने कहा यह पारिवारिक मामला है, इसमें नहीं पड़ना। जिस तरह तुम बोल रही हो, उसी भाषा में मुझे भी बोलना पड़ेगा। कीर्ति कोल- अध्यक्ष जी, सबसे पहले अपनी भाषा में सुधार लाइए। इस तरह से आप हमसे बात नहीं कर सकते। 3 महीने पुराना बताया जा रहा AUDIO…
वायरल ऑडियो करीब 3 माह पुराना बताया जा रहा है, चुनाव के दौरान दिए गए 3 लाख रुपये को वापस मांगे जाने पर हाट टॉक हुआ था। देवी प्रसाद के अनुसार, पार्टी मीटिंग के दौरान कीर्ति कोल ने देवी प्रसाद के स्वास्थ्य कारणों से उनकी जगह किसी अन्य व्यक्ति को जिलाध्यक्ष बनाने की बात कही थी। इसी बात पर देवी प्रसाद आगबबूला हो गए थे। जानिए कौन हैं कीर्ति कोल… सोनभद्र के पूर्व सांसद और छानबे विधानसभा से पूर्व विधायक भाई लाल कोल की बेटी कीर्ति कोल हैं। लालगंज तहसील के पचोखर गांव निवासी भाई लाल कोल ने वर्ष 1995 में अपने गांव से पहली बार ग्राम प्रधान का चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा था।
1996 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर छानबे विधानसभा चुनाव लड़ा और विधायक बने। 2001 में भाजपा ने टिकट काट दिया तो वे बसपा में शामिल हो गए और 2004 में सोनभद्र-रॉबर्ट्सगंज संसदीय सीट से चुनाव जीतकर सांसद बने। 2009 में बसपा से टिकट न मिलने पर उन्होंने सपा की सदस्यता ली और 2012 में फिर छानबे से विधायक चुने गए। 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा-अपना दल (एस) गठबंधन के प्रत्याशी राहुल प्रकाश कोल से हार गए। इसके बाद सपा ने 2019 में एक बार फिर उन पर भरोसा जताते हुए सोनभद्र लोकसभा सीट से टिकट दिया, जहां उन्हें अपना दल (एस) के पकौड़ी कोल से हार का सामना करना पड़ा। कीर्ति कोल ने 2023 के विधानसभा उपचुनाव में 66,587 वोट प्राप्त किए थे, जबकि अपना दल (एस) की रिंकी कोल को 76,176 वोट मिले थे। वह महज 9,589 वोटों के अंतर से हारी थीं। इससे पहले 2022 के विधानसभा चुनाव में भी वह 65 हजार मतों के साथ दूसरे स्थान पर रही थीं। कीर्ति कोल स्नातक, बीएड और एग्रीकल्चर से भी स्नातक हैं। जानिए कौन हैं देवी प्रसाद चौधरी… देवी प्रसाद चौधरी करीब 6 वर्ष से सपा के जिलाध्यक्ष है। छानबे विधानसभा सीट पर देवी चौधरी के पिता पुरुषोत्तम चौधरी लगातार तीन बार 1974, 1977 और 1980 में विधायक रहे । इसके बाद 1985 में इनके भाई भगवती प्रसाद चौधरी कांग्रेस से विधायक बने। संगठन में बढ़ी असहजता इस बातचीत के सामने आने के बाद सपा संगठन के अंदरखाने हलचल तेज हो गई है। नेताओं का कहना है कि इस तरह की आपसी बातचीत से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचता है। इस मामले में कार्रवाई होना जरूरी है। ——————————- ये खबर भी पढ़िए… मंत्री की मीटिंग में BJP विधायक को हार्ट अटैक, मौत:डॉ. श्याम बिहारी ने कल बर्थडे मनाया था, आज बरेली में अंतिम संस्कार बरेली में भाजपा विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल की शुक्रवार को अचानक मौत हो गई। विधायक श्याम बिहारी सर्किट हाउस में थे। पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह मीटिंग ले रहे थे। दोपहर करीब सवा 2 बजे अचानक विधायक की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सीने में तेज दर्द उठा। वे सीना पकड़कर बैठ गए। पसीना छूटने लगा। यह देख मीटिंग में अफरा-तफरी मच गई। विधायक को उनके सहयोगियों ने तत्काल मेडिसिटी हॉस्पिटल पहुंचाया। यह हॉस्पिटल सर्किट हाउस से करीब 7 किमी और विधायक के घर शक्तिनगर से महज 100 मीटर की दूरी पर है। पढ़िए पूरी खबर…
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