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इंदौर के भागीरथपुरा में लोग टैंकर-बोरिंग पर निर्भर:नर्मदा के पानी से उठा भरोसा; दूषित पानी से अब तक 15 लोगों की हो चुकी हैं मौतें

इंदौर के भागीरथपुरा में नर्मदा के दूषित पानी ने अब तक 15 जानें ले लीं। लगातार हो रही मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार होने के बाद यहां की जनता का नर्मदा के पानी से भरोसा उठ गया है। लीकेज सुधारने के 48 घंटे बाद भी लोग नर्मदा का पानी भरने से कतरा रहे हैं। लोग बोरिंग, टैंकर, आरओ या बोतलबंद पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। क्षेत्रीय पार्षद खुद मान रहे हैं कि जनता में भय का माहौल है। उनका कहना है कि तीन दिन से साफ पानी आ रहा है, लेकिन जब तक लोगों का विश्वास वापस नहीं लौटता, तब तक पानी उबालकर ही पीना चाहिए। कहीं न कहीं भागीरथपुरा में हुई इस घटना ने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया है। दूषित पानी की वजह से आज भी कई लोग बीमार हैं। परिवारजन यही उम्मीद कर रहे हैं कि वे जल्द ठीक हो जाएं। यहां की गलियों में महिलाएं उन परिवारों की चर्चा कर रही हैं, जिनके अपने उन्हें छोड़कर हमेशा-हमेशा के लिए चले गए हैं। खासकर उस मां की, जिसने इस दूषित पानी की वजह से अपने पांच महीने के बच्चे को खो दिया। 15 मौतें, इलाके में अभी भी डर का माहौल
भागीरथपुरा में दूषित पानी की वजह से अब तक 15 मौतें हो चुकी हैं। किसी ने अपनी मां को खो दिया, तो किसी ने अपने बच्चे को, तो किसी ने अपने पिता को। जिन घरों ने इस दूषित पानी के कारण अपने किसी प्रिय को खोया है, वहां मातम पसरा हुआ है। 15 मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार होने के बाद इलाके में डर का माहौल बना हुआ है। लीकेज ठीक करने के बाद यहां नर्मदा के पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई है, लेकिन लोग पानी भरने से अब भी कतरा रहे हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि इस पानी का इस्तेमाल करें या नहीं। टैंकर और बोरिंग से भर रहे पानी
हालात को देखते हुए भागीरथपुरा में दूसरी टंकियों से टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई की जा रही है। यहां कई लोग टैंकरों से पानी भर रहे हैं। जिन गलियों में टैंकर नहीं पहुंच पा रहा है, वहां लोग बोरिंग का पानी इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। कई लोग आरओ, यहां तक कि बोतलबंद पानी का भी उपयोग कर रहे हैं। डर का माहौल इतना है कि कई घरों में पानी को छानकर और उबालकर इस्तेमाल किया जा रहा है। क्षेत्र की महिला माया बोरासी ने बताया कि उनकी गली में टैंकर नहीं आ रहा है। यहां बोरिंग है, इसलिए उसी का पानी इस्तेमाल कर रहे हैं। बोरिंग के पानी को भी उबालकर पी रहे हैं और उसी से काम चला रहे हैं। नर्मदा का पानी आ रहा है, लेकिन उसे नहीं भर रहे हैं। माया ने बताया कि घर में उनके बेटे की तबीयत भी खराब है। बेटे हर्ष ने बताया कि 24-25 तारीख से उनके पेट में दर्द की शिकायत हो रही थी। मेडिकल से दवा भी ली, लेकिन आराम नहीं मिला। पहले उन्हें लगा कि बाहर का खाना खाने की वजह से ऐसा हो रहा होगा, लेकिन कुछ दिन बाद पता चला कि भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण यह परेशानी हो रही है। बाद में यहां डॉक्टर को दिखाया गया, उन्होंने दवाएं दीं, मगर उससे भी सिर्फ थोड़ा-बहुत ही असर हुआ। साफ पानी आ रहा, लोग डर के कारण नहीं पी रहे
क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला ने माना कि क्षेत्र में दूषित पानी के कारण भय का माहौल है। हालांकि पिछले तीन दिनों से साफ पानी आ रहा है, लेकिन जब तक लोगों का विश्वास वापस नहीं लौटता, तब तक पानी उबालकर ही पीने की सलाह दी जा रही है। इधर, इस घटना से इलाके के कई लोगों में आक्रोश भी है। यदि देखा जाए तो यहां नर्मदा लाइन का काम करीब 60 प्रतिशत पूरा हो चुका है, जबकि अभी 40 प्रतिशत काम बाकी है। इस लाइन को पूरी तरह डालने में अभी कुछ और समय लगने की संभावना है। अस्पताल और स्थानीय लोगों ने कहा- 15 लोग मारे गए इंदौर नगर निगम कमिश्नर को हटाया
दूषित पानी से मौतों के मामले में मोहन सरकार ने नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव को हटा दिया है। वहीं, एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया और इंचार्ज सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया गया है। यह खबर भी पढ़ें… इंदौर में जहरीला पानी-निगम कमिश्नर को हटाया इंदौर में दूषित पानी से मौतों के मामले में मोहन सरकार ने शुक्रवार को नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव को हटा दिया। वहीं, एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…


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