लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में एटीएम कार्ड बदलकर ठगी का मामला सामने आया है। जालसाज ने 74 वर्षीय बुजुर्ग का कार्ड बदलकर उनके खाते से अलग-अलग तिथियों में 97,500 रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने बैंक में शिकायत दर्ज कराने के साथ पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। बरफखाना ठाकुरगंज चौक निवासी पूरन चन्द्र (74) सचिवालय प्रशासन विभाग से वर्ष 2012 में निजी सचिव श्रेणी-चार पद से सेवानिवृत्त हैं। उनका खाता एसबीआई की यूपी सिविल सेक्रेटेरिएट शाखा में है। पीड़ित के मुताबिक, 1 मार्च 2026 को दोपहर करीब 1:50 बजे वह अपने पोते अंतरिक्ष के साथ कोनेश्वर महादेव मंदिर के सामने स्थित एसबीआई एटीएम से रुपये निकालने पहुंचे थे। बुजुर्ग होने के कारण उन्होंने एटीएम कार्ड पोते को दे दिया। इसी दौरान पास खड़ा एक युवक उनका पिन सुन रहा था। रुपये निकालते समय ओटीपी आने में देरी हुई तो युवक ने मशीन से छेड़छाड़ करते हुए दोबारा ओटीपी भेजने की बात कही। कुछ देर बाद 20 हजार रुपये निकल गए। पीड़ित वहीं खड़े होकर रुपये गिनने लगे, तभी आरोपी ने उनका एटीएम कार्ड बदल दिया और दूसरा कार्ड थमा दिया, जिस पर प्रवीण कुमार बरनवाल का नाम लिखा था। पीड़ित को इस बात का पता नहीं चला और वह घर लौट गए। 9 मार्च को उन्होंने बैंक से 50 हजार रुपये चेक के जरिए निकाले, लेकिन पासबुक एंट्री चेक नहीं कर सके। अगले दिन 10 मार्च को उनके मोबाइल पर 10 हजार रुपये निकाले जाने का मैसेज आया, जिससे वह घबरा गए। पासबुक अपडेट कराने पर पता चला कि अलग-अलग स्थानों—सोनिया गांधी मार्केट, मुसाफिरखाना सुल्तानपुर और रायबरेली रोड वृंदावन कॉलोनी—स्थित एटीएम से कई बार में कुल 97,500 रुपये निकाले जा चुके हैं। जांच करने पर उनके पास मौजूद कार्ड किसी प्रवीण कुमार बरनवाल के नाम का निकला। बैंक से जानकारी करने पर आरोपी का मोबाइल नंबर और पता भी मिला है। पीड़ित ने बताया कि घटना की जानकारी उसी दिन बैंक को देकर एटीएम कार्ड ब्लॉक करा दिया था। उनका कहना है कि एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी की पहचान की जा सकती है। मामले में इंस्पेक्टर चौक नागेश उपध्याय का कहना है कि सीसीटीवी की मदद से आरोपी की तलाश की जा रही है।

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