सोनभद्र में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट सोनभद्र आबिद शमीम की अदालत ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में धनेश उर्फ स्टैंडर पटेल को दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए 10 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 55 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अर्थदंड का भुगतान न करने पर दोषी को 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। लगाए गए अर्थदंड की आधी राशि पीड़िता को प्रदान की जाएगी। यह मामला करीब पांच साल पहले का है, जब करमा थाना क्षेत्र की एक दलित युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी। युवती ने बताया था कि धनेश उर्फ स्टैंडर पटेल (पुत्र राजकुमार राजा पटेल, निवासी खैरपुर सिरसिया ठकुराई, थाना करमा, जिला सोनभद्र) ने शादी का झांसा देकर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता के अनुसार, जब धनेश ने अपनी बिरादरी की लड़की से शादी करने की बात कही और उससे पूछताछ की गई, तो उसने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद करमा पुलिस ने 17 मई 2021 को दुष्कर्म और एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की। सीओ ने मामले की विवेचना कर पर्याप्त सबूतों के आधार पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुना, सात गवाहों के बयान दर्ज किए और पत्रावली का गहन अवलोकन किया। इन सभी तथ्यों के आधार पर धनेश उर्फ स्टैंडर पटेल को दोषी पाया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील सी शशांक शेखर कात्यायन ने बहस की।

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