श्री बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री फरवरी के अंतिम सप्ताह में मिर्जापुर आएंगे। यह जानकारी जूना अखाड़ा के महंत डॉ. योगानंद गिरी ने एक वार्ता के बाद दी। उनका आगमन नगर के मध्य स्थित बाबा बूढ़ेनाथ मंदिर में होगा। महंत डॉ. योगानंद गिरी ने बताया कि 15 फरवरी को बागेश्वर धाम में एक भव्य सामूहिक विवाह यज्ञ का आयोजन किया गया है। इसमें 300 कन्याओं का वैदिक विधि-विधान से विवाह संपन्न होगा। इस पुनीत आयोजन के लिए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मिर्जापुर स्थित जूना अखाड़ा के प्राचीन मठ बूढ़ेनाथ मंदिर के महंत डॉ. योगानंद गिरी महाराज को विधिवत निमंत्रण प्रदान किया था। बागेश्वर धाम में हुई इस विशेष मुलाकात के दौरान, जूना अखाड़ा और बूढ़ेनाथ मंदिर के महंत ने पीठाधीश्वर का अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने डॉ. योगानंद गिरी महाराज के फरवरी माह के अंत तक मिर्जापुर स्थित बूढ़ेनाथ मंदिर में आगमन के आग्रह को स्वीकार किया। वार्ता के दौरान सनातन संस्कृति के विस्तार और समाज में एकता के उद्देश्य से प्रस्तावित ‘सनातन एकता यात्रा’ को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही, पूर्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुई दिल्ली से वृंदावन तक की सनातन यात्रा की समीक्षा की गई और उसके सकारात्मक प्रभावों पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त, आगामी दिनों में प्रस्तावित मिर्जापुर और नीदरलैंड की यात्राओं को लेकर भी रणनीति और कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। दोनों संतों ने सनातन धर्म, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना के प्रचार-प्रसार को लेकर अपने विचार साझा किए और इसे जन-जन तक पहुंचाने पर बल दिया। इस अवसर पर रोहित रिछारिया, मृत्युंजय द्विवेदी, बड़े बाबा, राघवेंद्र पाराशर, श्री मौनी महाराज और रवि राय सहित अनेक संत, धर्माचार्य एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक विवाह जैसे आयोजनों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए इसकी सराहना की। संतों की इस भेंट को सनातन एकता एवं सामाजिक उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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