बाराबंकी में तैनात एक दरोगा को लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर नए साल के जश्न के दौरान हंगामा करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर शुक्रवार को यह कार्रवाई की। निलंबित किए गए दरोगा की पहचान 2015 बैच के उपनिरीक्षक सौम्य जायसवाल के रूप में हुई है। डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने बताया कि घटना के बाद मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए गए थे। जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने पर एसपी बाराबंकी ने दरोगा को निलंबित कर दिया। यह घटना 31 दिसंबर की रात करीब 1 बजे की है। नए साल की पूर्व संध्या पर हजरतगंज चौराहे पर भारी भीड़ और पुलिस बल तैनात था। आरोप है कि दरोगा सौम्य जायसवाल अपने दोस्तों के साथ कार से लखनऊ पहुंचा था। जब हजरतगंज चौराहे पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उसकी कार रोकने का इशारा किया, तो दरोगा ने वाहन की रफ्तार बढ़ा दी। आरोप है कि उसने तेज गति से कट मारते हुए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को कुचलने का प्रयास किया। कार रोके जाने के बाद मौके पर पुलिस उपायुक्त (अपराध) पहुंचे। इस दौरान दरोगा ने कथित तौर पर अपनी वर्दी का रौब दिखाते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से भी अभद्रता की। पुलिस द्वारा कार की तलाशी लेने पर वाहन से शराब की कई बोतलें बरामद हुईं। हजरतगंज पुलिस ने मौके पर ही आरोपी दरोगा का नशे में वाहन चलाने की धाराओं में चालान किया। पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट बाराबंकी पुलिस को भेजी गई, जिसके आधार पर एसपी बाराबंकी ने शुक्रवार को निलंबन की कार्रवाई की। विभागीय जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी दरोगा पूर्व में भी अनुशासनहीनता के मामलों में कई महीनों तक निलंबित रह चुका है। फिलहाल मामले में आगे की विभागीय जांच जारी है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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