देवरिया में बनकटा थाना क्षेत्र के रुस्तम बहियारी गांव में दो साल पहले हुई एक महिला की हत्या के मामले में मंगलवार को अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश-एफटीसी प्रथम हरीराम की अदालत ने पत्नी की हत्या के दोषी पति सत्येंद्र यादव को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। साक्ष्य मिटाने के दोष में उसके ससुर राज मंगल यादव को 5 वर्ष के कठोर कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता श्रीधर तिवारी ने बताया कि लार थाना क्षेत्र के ठाकुर गौरी गांव निवासी श्रीकांत यादव ने अपनी भतीजी मंसा देवी की शादी वर्ष 2013 में बनकटा थाना क्षेत्र के रुस्तम बहियारी निवासी सत्येंद्र यादव से की थी। विवाह के बाद से ही आरोपी पति शराब का आदी था और अक्सर अपनी पत्नी को प्रताड़ित करता था। यह घटना 17 फरवरी 2024 की रात करीब 8:30 बजे की है। सत्येंद्र यादव ने अपनी पत्नी मंसा देवी की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने अपने पिता राज मंगल यादव के साथ मिलकर शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की और उसे लेकर फरार हो गया। हालांकि, पुलिस की तत्परता से शव को श्मशान घाट से बरामद कर लिया गया। इस मामले में मृतका के परिजनों की तहरीर पर बनकटा थाने में हत्या और साक्ष्य मिटाने का मुकदमा दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों और प्रस्तुत साक्ष्यों का गहन अवलोकन किया। न्यायालय ने पाया कि पति सत्येंद्र यादव हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी है, जबकि उसके पिता राज मंगल यादव केवल साक्ष्य मिटाने के दोषी हैं। अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई और उन्हें जेल भेज दिया। इस फैसले को घरेलू हिंसा और महिला उत्पीड़न के मामलों में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

Leave a Reply