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BMC चुनाव 2026- पार्टी नहीं पार्षद का काम बड़ा फैक्टर:सर्वे में 50% महिलाओं का समर्थन BJP-शिवसेना को; ठाकरे ब्रदर्स को एकतरफा मराठी वोट नहीं

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव में वोटर्स के लिए पार्षद के चेहरे, पार्टी, जाति-धर्म से ज्यादा उनके काम के आधार पर वोट डालेंगे। 40%-54% तक लोगों ने अपनी राय में पार्षद के काम को ही सबसे बड़ा फैक्टर बताया है। इधर विधानसभा चुनाव के ट्रेंड पर ही BMC चुनावों में भी महिलाओं का 50% समर्थन BJP-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन को मिल सकता है। वहीं, मराठी मानुस का शिवसेना (UBT)-MNS को 44% और BJP-शिवसेना (शिंदे) को 42% समर्थन दिख रहा है। यानी मराठी वोट भी एकतरफा ठाकरे ब्रदर्स के साथ नहीं है। उधर मुस्लिम वोटर INC+ के साथ सबसे ज्यादा 41% नजर आ रहे हैं। गुजराती, उत्तर और दक्षिण भारतीय समुदाय में BJP-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन को 53% समर्थन मिल सकता है। हालांकि, अभी भी 60 प्रतिशत लोगों ने वोट करने का मन नहीं बनाया है। ये सभी आंकड़े Ascendia Strategies LLP की ओर से कराए गए सर्वे में सामने आई है। इस सर्वे को 17 से 24 दिसंबर 2025 के बीच किया गया। जिसमें अलग-अलग उम्र वर्ग और सामाजिक समूहों के 1000 से ज्यादा लोगों से राय ली गई। 50% लोगों ने पार्षद से संपर्क नहीं किया सर्वे में चौंकाने वाली बात यह रही कि लगभग 50 प्रतिशत लोगों ने कभी अपने पार्षद से कोई शिकायत या काम के लिए संपर्क ही नहीं किया। युवाओं में संपर्क करने की कोशिश ज्यादा दिखी, लेकिन 46–60 साल के लोग सबसे कम संपर्क करने वाले निकले। पार्टी नहीं काम पर वोट सर्वे के अनुसार, बीएमसी चुनाव में सबसे बड़ा फैक्टर पार्षद का काम होगा। 36–45 साल के 54% लोगों ने इसे सबसे अहम बताया। इसके बाद मुद्दे और विकास आते हैं। पार्टी का चुनाव चिन्ह या मुख्यमंत्री-प्रधानमंत्री का चेहरा ज्यादातर वोटरों के लिए कम अहम है। युवा अपने पार्षद से सबसे ज्यादा नाराज पार्षद के कामकाज की बात करें तो 46–60 साल का वर्ग सबसे ज्यादा संतुष्ट है, जबकि युवा वर्ग में नाराजगी ज्यादा दिखी। 18–25 साल के 13% युवाओं ने अपने कॉरपोरेटर से “बहुत असंतुष्ट” होने की बात कही। आधे से ज्यादा लोगों ने अभी वोट करने का मन नहीं बनाया 2024 के विधानसभा चुनाव में मराठी मानुस (63%) और मुस्लिम (57%) वोटरों की भागीदारी ज्यादा रही। लेकिन 2026 के बीएमसी चुनाव को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। महिलाओं में 69%, मराठी मानुस में 55%, मुस्लिम में 52% और अन्य वर्गों में 63% लोग अब तक तय नहीं कर पाए हैं कि वे किसे वोट देंगे या वोट देंगे भी या नहीं। इससे पहले 2017 के बीएमसी चुनाव में 45% लोग वोट डालने नहीं आए थे। BMC के कामकाज से ज्यादातर लोग संतुष्ट पिछले 3-4 साल में BMC के कामकाज को लेकर ज्यादातर लोगों की राय सकारात्मक रही। 36-45 साल के 56% लोगों और 18–25 साल के 67% युवाओं ने कहा कि हालात पहले से बेहतर हुए हैं। वहीं 60+ उम्र के लोग सबसे ज्यादा नाराज दिखे, जिनमें 23% ने सेवाओं को “बहुत खराब” बताया। 15 जनवरी को वोटिंग, 16 जनवरी को नतीजे मुंबई में 32 सीटों पर BJP-शिंदे सेना और ठाकरे सेना-MNS के बीच सीधा मुकाबला मुंबई नगर निकाय की 227 सीटों में से 32 सीटों पर BJP-शिवसेना गठबंधन और शिवसेना (UBT)-महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के बीच सीधा मुकाबला होगा। यह स्थिति इसलिए बनी है क्योंकि कांग्रेस-बहुजन वंचित अघाड़ी (VBA) गठबंधन ने इन सीटों पर कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है। कांग्रेस ने अब तक मुंबई में 143 उम्मीदवारों की घोषणा की है। VBA के 46 सीटों पर चुनाव लड़ने और वामपंथी दलों और राष्ट्रीय समाज पार्टी सहित अन्य सहयोगियों को छह सीटें दी गई है। यानी कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 195 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। इससे 32 सीटें बिना तीसरे मोर्चे के उम्मीदवार के रह जाती हैं, जिससे वोटों का बंटवारा नहीं होगा। ————————-


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