DniNews.Live

Fast. Fresh. Sharp. Relevant News

काशी विश्वनाथ धाम 72 घंटे में पहुंचे 15 लाख श्रद्धालु:साल 2025 में 7.26 करोड़ पर्यटक ने लिया बाबा का आशीर्वाद,80 फीसदी रहे युवा

नववर्ष के पहले ही दिन काशी नगरी में आस्था का अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ पड़ी है। साल 2025 के अंतिम सप्ताह में करीब 20 लाख श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए काशी पहुंचे। यह भीड़ महाकुंभ के बाद एक सप्ताह में आने वाली अब तक की सबसे बड़ी भीड़ मानी जा रही है। 25 दिसंबर से ही काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का रेला लगातार बना हुआ है, जो नए साल के साथ और तेज हो गया। मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र ने बताया कि बीते तीन दिनों में ही 15 लाख से अधिक श्रद्धालु देश के विभिन्न हिस्सों से काशी पहुंचे और बाबा के दर्शन किए। रिकॉर्ड भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने सुरक्षा एवं सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं। धाम क्षेत्र में खोया-पाया केंद्र,मेडिकल सुविधाएं, अतिरिक्त सुरक्षा बल और सुचारु दर्शन व्यवस्था को सक्रिय किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। 2025 में काशी पर्यटन ने तोड़े सभी रिकॉर्ड काशी ने बीते वर्षों में आध्यात्मिक और पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण, गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास का सीधा असर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या पर पड़ा है। पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में 7 करोड़ 26 लाख 76 हजार 780 पर्यटक वाराणसी पहुंचे। इस आंकड़े में प्रयागराज महाकुंभ के दौरान आए 2 करोड़ 87 लाख श्रद्धालु भी शामिल हैं, जिन्होंने संगम में स्नान के बाद काशी विश्वनाथ के दर्शन किए। महाशिवरात्रि और पवित्र सावन माह में भी श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर रही। नए साल के जश्न में युवाओं की बड़ी भागीदारी नए साल के अवसर पर काशी में युवाओं की भारी मौजूदगी देखने को मिली। 24 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 के बीच 30 लाख 75 हजार 769 श्रद्धालुओं ने काशी विश्वनाथ के दर्शन किए, जिनमें लगभग 80 फीसदी युवा शामिल रहे। युवा वर्ग नए साल का जश्न मनाने के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहा है। ठंड में बाबा को ओढ़ाई गई रजाई नववर्ष के मौके पर काशी विश्वनाथ धाम में भक्ति और अपनत्व का विशेष दृश्य देखने को मिला। कड़ाके की ठंड को देखते हुए मध्यभोग आरती के दौरान बाबा विश्वनाथ को रजाई ओढ़ाई गई। यह शास्त्रीय परंपरा नहीं, बल्कि भक्तों के निर्मल भाव और भगवान के प्रति आत्मीयता का प्रतीक रहा, जिसे श्रद्धालुओं ने भावपूर्वक स्वीकार किया।


https://ift.tt/ARH5p7X

🔗 Source:

Visit Original Article

📰 Curated by:

DNI News Live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *