कुशीनगर में हुए निशांत उर्फ शक्तिमान सिंह हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस मामले को लेकर 1 जनवरी से चल रहा तनाव और हंगामा शुक्रवार देर शाम शांत हो सका। मृतक के गांव अमरपुर में हिंदूवादी संगठनों के नेताओं ने परिजनों से मुलाकात की, जबकि आरोपियों के गांव में भारी पुलिस बल तैनात है। कसया थाना क्षेत्र की कसाई पुलिस ने 2 फरवरी को दोनों आरोपियों- नौशाद अंसारी पुत्र अनवर अंसारी और फैसल आफताब अंसारी पुत्र मुर्तुज़ा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके कब्जे से एक हंटर बुलेट मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया है। दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। घटना के बाद से मृतक के गांव अमरपुर और पास के नैका छपरा चौराहे पर पुलिस बल तैनात है। वहीं, आरोपियों के गांव जुलवानिया में पुलिस और पीएसी का कड़ा पहरा है। बताया जा रहा है कि आरोपियों के साथ मुस्लिम समुदाय के कई परिवार एहतियातन घर बंद कर कहीं और चले गए हैं। पुरानी रंजिश और प्रेम प्रसंग की चर्चा पुलिस ने हत्या की वजह पुरानी रंजिश बताई है। हालांकि, आरोपियों के गांव के कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि नौशाद को अपनी बहन और मृतक के दोस्त कुंदन के बीच कथित प्रेम संबंध की जानकारी मिली थी। इसी को लेकर पहले धमकी भी दी गई थी। बताया जा रहा है कि इसके बाद कुंदन अपने दोस्तों निशांत उर्फ शक्तिमान सिंह और एक अन्य युवक के साथ आरोपियों के गांव पहुंचा, जहां दोनों पक्षों में मारपीट हुई। जब आरोपी वहां से भागे और फिर लौटे, तो नौशाद ने पीछे से चाकू से हमला कर दिया, जिससे निशांत की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद नौशाद ने स्वयं डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी और आत्मसमर्पण कर दिया। गौरतलब है कि 31 दिसंबर को कसया थाना क्षेत्र में चाकूबाजी की इस घटना में 22 वर्षीय निशांत सिंह पुत्र संतोष सिंह की मौत हो गई थी। निशांत अपने गांव के दो दोस्तों के साथ बाइक से कसया जा रहा था। गांव से करीब दो किलोमीटर दूर जुलवानिया गांव के पास आरोपियों ने रास्ता रोककर हमला किया। आरोप है कि पहले गले पर वार किया गया और फिर पेट में 5–6 बार चाकू घोंपा गया। निशांत को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। निशांत अपने माता-पिता की इकलौती संतान था और 12वीं के बाद सेना व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। वह खेती में पिता का हाथ भी बंटाता था। प्रदर्शन, जाम और भारी पुलिस बल मौत की खबर फैलते ही दोनों गांवों में आक्रोश फैल गया। नैका छपरा मार्ग पर जाम लगाया गया। 1 जनवरी को पोस्टमार्टम के बाद करीब 7 घंटे तक प्रदर्शन चला। परिजनों ने आरोपियों के एनकाउंटर और उनके घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की। काफी मान-मनौव्वल के बाद शाम करीब 5 बजे अंतिम संस्कार किया जा सका। फिलहाल पुलिस और प्रशासन दोनों गांवों में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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