ऊर्जा मंत्री एके शर्मा अपने एक दिवसीय दौरे पर देर रात गोंडा जिले पहुंचे जहां उन्होंने नंदिनी माता मंदिर में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सांसद करण भूषण सिंह के साथ पूजा-अर्चना की और उनका आशीर्वाद लिया है। इस दौरान सांसद करण भूषण सिंह ने मंत्री शर्मा को नंदिनी माता मंदिर के बारे में विस्तृत जानकारी दी। मंत्री ने सद्गुरु ऋतेश्वर जी महाराज से भी मुलाकात कर आशीर्वाद प्राप्त किया और उन्हें फलदान किया। मीडिया से बातचीत के दौरान, मंत्री शर्मा ने मौलाना साजिद रशीदी के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें रशीदी ने ‘जबरन वंदे मातरम बुलवाने वालों को आतंकवादी’ कहा था। मंत्री ने कहा कि वंदे मातरम का विषय आज का नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 को यह निर्णय लिया था कि ‘जन गण मन’ राष्ट्रगान होगा और ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रगीत होगा। मंत्री ने पहले भी कहा था कि जहां राष्ट्रगान देश की भौगोलिक सीमाओं का वर्णन करता है, वहीं राष्ट्रगीत माँ भारती के वैभव और वात्सल्य का वर्णन करता है। मंत्री शर्मा ने जोर देकर कहा कि जो भी इसकी शिकायत कर रहा है या इसमें रुकावट डालने की कोशिश कर रहा है, उसे देशहित में कुछ न कुछ करके यहां से बाहर निकाल देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति भारत भूमि पर रहे और राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत या राष्ट्रध्वज का सम्मान न करे, यह असंभव और अस्वीकार्य है। उन्होंने आगे कहा कि ये तीनों (राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, राष्ट्रध्वज) हमारे देश की एकता और अखंडता के प्रतीक हैं, और इनका कोई विकल्प स्वीकार्य नहीं हो सकता। शाहरुख खान द्वारा बांग्लादेशी खिलाड़ी को लिए जाने पर चल रहे विवाद के संबंध में पूछे जाने पर, मंत्री शर्मा ने कहा कि किसी भी व्यक्ति पर अत्याचार गलत है। उन्होंने इसकी निंदा की और स्पष्ट किया कि हिंदुओं पर अत्याचार नहीं होना चाहिए। वहीं पहली बार हो रही राष्ट्रकथा के आयोजन को लेकर कहा कि राष्ट्रकथा का मतलब जो मैं समझ रहा हूं कि राष्ट्र निर्माण के लिए नई पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए जो यह कथा हो रही है। उसके लिए मैं सांसद बृजभूषण शरण सिंह को उनके दोनों सुपुत्र सांसद विधायक को, सभी को मैं बहुत-बहुत साधुवाद देता हूं। कि इस पीढ़ी को वर्तमान पीढ़ी को सनातन धर्म के प्रति जाग्रत करने का, उसकी तरफ मोड़ने का और उसके जरिए राष्ट्र निर्माण की भावना पैदा करने का जो यह काम हुआ है। विशेषकर यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के भी जीवन को बनाने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। तो सभी मामले में यह कथा बहुत ही विलक्षण है। मैं यहाँ आकर सांसद करण भूषण के परिवार को, नेता जी के परिवार को और उनको और स्वयं रितेश्वर महाराज गुरु जी को नमन करने के लिए आया था। मेरा पूरा मकसद जो है यहाँ आने का सफल हुआ बहुत-बहुत सौभाग्यशाली मैं मानता हूं।
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