मथुरा के कोसीकलां थाना क्षेत्र के फालैंन ग्राम पंचायत के सुपाना गांव में विद्युत विभाग के कर्मचारियों और ग्रामीणों के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में ग्राम प्रधान सहित 13 नामजद और 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जिससे क्षेत्र में आक्रोश है। राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के प्रतिनिधिमंडल ने सीओ छाता पर राजनीतिक भेदभाव और एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है। ग्राम प्रधान कैलाश चौधरी ने आरोप लगाया है कि विद्युत विभाग के कर्मचारी कैलाश लाइनमैन और पी.के. अजीजपुर निवासी एक महिला के मकान में लट्ठे पर चढ़कर झांकने लगे, जब वह स्नान कर रही थी। महिला के विरोध करने पर कर्मचारियों ने कथित तौर पर गाली-गलौज और अभद्रता की। घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और उन्होंने विद्युत कर्मचारियों के व्यवहार का विरोध किया। इसके बाद विद्युत कर्मचारियों ने थाना कोसीकलां में शिकायत दर्ज कराई। ग्राम प्रधान जब ग्रामीणों के साथ अपनी बात रखने क्षेत्राधिकारी छाता के कार्यालय पहुंचे, तो आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ अभद्रता की और उन्हें थाना छाता ले जाया गया। वहां उनके खिलाफ दो मुकदमे दर्ज कर उन्हें हवालात में बंद कर दिया गया। थाना छाता पुलिस ने 30 दिसंबर 2025 को ग्राम प्रधान कैलाश चौधरी सहित 13 लोगों और 15-20 अज्ञात के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। राष्ट्रीय लोक दल के जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह भरंगर नेतृत्व में पार्टी के पदाधिकारी और पीड़ित ग्राम प्रधान ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से मुलाकात की। उन्होंने पूरे प्रकरण को झूठा और एकतरफा बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि इस प्रकार झूठे मुकदमे दर्ज किए जाएंगे, तो वे जनता की समस्याओं को शासन तक नहीं पहुंचा पाएंगे। उन्होंने सीओ छाता की शिकायत करते हुए कथित गलत एफआईआर वापस लेने की मांग की है।
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