सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज में बैंक से निकाले गए 10 लाख रुपए की टप्पेबाजी के मामले में सोनभद्र पुलिस ने एक अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस मुठभेड़ के दौरान दो आरोपियों के पैर में गोली लगी, जिन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। यह घटना 26 दिसंबर 2025 को रॉबर्ट्सगंज स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा के पास हुई थी। छात्र शक्ति कंपनी के अकाउंटेंट बैंक से 10 लाख रुपये नकद निकालकर कार से लौट रहे थे। इसी दौरान गिरोह के सदस्यों ने टायर पंचर कराने का नाटक कर टप्पेबाजी की वारदात को अंजाम दिया। नाबालिगों का इस्तेमाल कर दिया वारदात को अंजाम आरोपियों ने नाबालिगों के जरिए कार का टायर पंचर कराया। एक आरोपी अकाउंटेंट को बातों में उलझाता रहा, जबकि दूसरा नाबालिग कार से रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गया। घटना के बाद रॉबर्ट्सगंज थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। ‘नायडू गैंग’ का भंडाफोड़ पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मामले के खुलासे के लिए चार पुलिस टीमें गठित की गई थीं। जांच के दौरान पुलिस ने ‘नायडू गैंग’ का भंडाफोड़ किया। अब तक इस गिरोह की एक महिला सदस्य नंदिनी और दो बाल अपचारियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। मुठभेड़ में घायल दोनों आरोपी महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के निवासी हैं, जबकि एक अन्य आरोपी तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले का रहने वाला है। नकदी, हथियार और बैंक खाता फ्रीज पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा एक बैंक खाते में जमा 8 लाख 15 हजार रुपए को फ्रीज किया गया है। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से तमंचे और अवैध कारतूस भी बरामद हुए हैं। कई राज्यों में दर्ज हैं मुकदमे पुलिस के अनुसार यह गिरोह केवल सोनभद्र तक सीमित नहीं था। इसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के अयोध्या, कानपुर, गोरखपुर, मध्यप्रदेश समेत कई अन्य राज्यों में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरोह नाबालिगों का इस्तेमाल इसलिए करता था ताकि उन पर आसानी से शक न हो। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
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