लखीमपुर खीरी के सिंगाही थाना क्षेत्र में किसान खनन विभाग द्वारा जौरहा नाले पर आवंटित खनन पट्टे के विरोध में धरने पर बैठ गए हैं। मांझा गांव के पास नाले के किनारे टेंट लगाकर किसान छोटे बच्चों के साथ भीषण ठंड में प्रदर्शन कर रहे हैं। धरने पर बैठे मांझा गांव के किसान परमजीत सिंह पम्मी ने बताया कि खनन विभाग ने नियमों की अनदेखी कर जौरहा नाले की गाटा संख्या 947 पर खनन का पट्टा आवंटित किया है। उनका आरोप है कि इससे पहले इसी नाले पर हुए खनन से करीब आधा दर्जन घर कट गए थे। किसानों का कहना है कि अब पुनः खनन पट्टा आवंटित होने से आसपास के किसानों की जमीनें कटान की चपेट में आ गई हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान का डर है। खनन विभाग के ठेकेदार द्वारा बालू तौलने के लिए पीडब्ल्यूडी मार्ग के किनारे एक कांटा भी लगाया गया है। इसके लिए बिजली विभाग ने ट्रांसफार्मर लगाकर कनेक्शन भी दे दिया है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि ठेकेदारों ने बालू से भरे वाहनों को निकालने के लिए नियमों को ताक पर रखकर जौरहा नाले पर दर्जनों होम पाइप डालकर एक अवैध पुल भी बना दिया है। स्थानीय किसान इस मामले को लेकर जिलाधिकारी (डीएम) से दो बार मिल चुके हैं। डीएम द्वारा गठित जांच टीम भी दो बार मौके पर पहुंची, लेकिन खनन अधिकारी ने किसानों की बात नहीं सुनी। जांच का कोई नतीजा नहीं निकला और न ही जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई। किसानों का कहना है कि जब तक खनन पट्टा निरस्त नहीं किया जाता, तब तक वे अनिश्चितकाल के लिए धरने पर बैठे रहेंगे।
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