प्रतापगढ़ में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी हेमंत कुमार की अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसले में नवाबगंज निवासी विनोद कुमार वर्मा को अनुसूचित जाति की महिला से दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने का दोषी ठहराया है। अदालत ने उसे सश्रम आजीवन कारावास और 55 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता ने आरोप लगाया था कि आरोपी विनोद कुमार वर्मा ने तमंचा दिखाकर उसे डराया और लगभग तीन सालों तक उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने पीड़िता के अश्लील वीडियो क्लिप भी बनाए और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसका लगातार शोषण किया। परिवार और समाज में बदनामी के डर से पीड़िता लंबे समय तक चुप रही। हालांकि, 3 मई 2023 को उसने नवाबगंज थाने में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुरेश बहादुर सिंह ने प्रभावी पैरवी की, जिसके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह कड़ी सजा सुनाई। इसी क्रम में, एक अन्य मामले में, अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश अंकिता दुबे की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के तहत जेठवारा निवासी अजहर को दोषी पाया। अदालत ने उसे 2 वर्ष 6 माह के कठोर कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। इस मामले में विशेष लोक अभियोजक अंबिकेश मणि त्रिपाठी ने पैरवी की थी।

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