विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम शुचि श्रीवास्तव की कोर्ट ने गोली मारकर हत्या में दो लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। दोनों पर 14-14 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माने की राशि में से 10 हजार रुपये वादी मृतक के भाई को देने का आदेश दिया। कोर्ट ने दोनों को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में दोष मुक्त करार दिया। 21 मार्च 2004 को मारी थी गोली आमोद कुमार ने थाना कल्याणपुर में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि 21 मार्च 2004 को वह और उसका भाई अवनीश अपनी दुकान शक्ति गारमेंट्स एके गुप्ता मार्केट पुराना शिवली रोड कल्याणपुर में सुनील कुमार को सामान दे रहे थे, तभी रात आठ बजे उसकी दुकान पर सोनू सोनकर अपने साथ अजय, मिनी और दो अन्य लोगों के साथ आए और तमंचे से अवनीश को गोली मार दी। गोली चलने की आवाज सुनकर लोग दुकान की तरफ दौड़े तो यह लोग तमंचा लहराते हुए भाग गए। इन लोगों से कुछ दिन पहले विवाद हुआ था। घायल भाई को लेकर हैलट अस्पताल गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने सभी के खिलाफ हत्या और एससी-एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। विशेष लोक अभियोजक प्रदीप पचौरी और आशीष भदौरिया ने बताया कि कोर्ट में ट्रायल के दौरान सोनू सोनकर की फाइल अलग कर दी गई थी। कोर्ट में पेश किए गए 10 गवाह किशोर होने के कारण दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड में हुई। भूसा टोली निवासी अजय कश्यप और मिनी उर्फ ब्रजेश नाई के खिलाफ ट्रायल हुआ। अभियोजन की तरफ से 10 गवाह पेश किए गए। साक्ष्यों और गवाही के आधार पर कोर्ट ने दोनों को सजा सुनाई।

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