संभल में औद्योगिक विकास गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण के सर्वेक्षण का ग्रामीणों ने विरोध किया है। मंगलवार को लखनऊ से आई एक टीम ने एसडीएम के साथ छह गांवों की जमीनों का निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने सरकार से भूमिहीन न बनाने की मांग की है। यह घटना कैलादेवी थाना क्षेत्र के गांव भमोरी पट्टी में हुई। एसडीएम संभल निधि पटेल और तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में विद्युत विभाग, जल निगम, मध्य गंगा नहर सहित अन्य विभागों के अधिकारी औद्योगिक गलियारे के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण का सर्वेक्षण करने पहुंचे थे।
टीम ने तहसील संभल के अमावती, खरसापा, सौंधन, सारंगपुर और भमोरी पट्टी सहित छह गांवों की जमीनों का निरीक्षण किया। अधिकारियों को देखते ही ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और अपनी जमीन के अधिग्रहण की सूचना पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन करने वालों में ऋषिपाल सिंह, बनवारी, सोनू, धर्मवीर सिंह, प्रेमपाल सिंह, विजयपाल सिंह, विनीत कुमार, कल्याण सिंह, राजकुमार सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल थे। उन्होंने कहा कि वे अपनी जमीन नहीं देंगे क्योंकि यह उनके परिवार के पालन-पोषण का एकमात्र सहारा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी जमीन छीनी गई तो वे भूमिहीन हो जाएंगे और उनके बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा। उन्होंने उच्चाधिकारियों से मिलने और आवश्यकता पड़ने पर सड़कों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करने की बात कही। उनकी मुख्य मांग है कि किसानों को भूमिहीन न बनाया जाए। एसडीएम निधि पटेल ने बताया कि औद्योगिक गलियारे के विस्तारीकरण के लिए लखनऊ से एक निरीक्षण टीम आई थी। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ ग्रामीणों ने अपनी जमीन न लिए जाने की बात कही थी, लेकिन वहां किसी बड़े विरोध-प्रदर्शन जैसी स्थिति नहीं थी।

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