छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के कैंपस में मंगलवार की शाम विज्ञान और जिज्ञासा के नाम रही। विश्वविद्यालय के खगोल विज्ञान क्लब की ओर से आकाशीय पिंडों को देखने के लिए एक खास कार्यक्रम आयोजित किया गया। शाम 5 बजे से 7 बजे तक चले इस सत्र में छात्रों ने टेलीस्कोप के जरिए अंतरिक्ष की दूरियों को करीब से महसूस किया। कैंपस में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विशेष टेलिस्कोप रहा। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं ने आसमान में मौजूद चंद्रमा की सतह और अन्य आकाशीय पिंडों का सूक्ष्म अवलोकन किया। शाम ढलते ही जैसे ही टेलिस्कोप को आसमान की ओर मोड़ा गया, छात्रों की कतार लग गई। कई छात्रों के लिए यह पहला अनुभव था, जब उन्होंने चांद के दाग और उसकी बनावट को इतनी स्पष्टता से देखा। वैज्ञानिक सोच और अंतरिक्ष की जिज्ञासा इस आयोजन का उद्देश्य छात्रों के भीतर वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और उन्हें खगोल विज्ञान के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान केवल तारों को देखा ही नहीं गया, बल्कि अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी कई रोचक जानकारियां भी साझा की गईं। छात्रों ने ग्रहों की चाल, उनकी दूरी और अंतरिक्ष में होने वाली हलचलों को लेकर विशेषज्ञों से सवाल भी पूछे। छात्रों में दिखा जबरदस्त उत्साह इस खगोलीय घटना को देखने के लिए क्षितिज मौर्य, मुकेश यादव, श्रेष्ठ बाजपेयी, प्रतीक सिंह, आदव्य त्रिपाठी, आराधना सिंह और सचिन यादव समेत कई छात्र मौजूद रहे। छात्रों का कहना था कि किताबों में अंतरिक्ष के बारे में पढ़ना अलग बात है, लेकिन उसे अपनी आंखों से देखना एक प्रेरणादायक अनुभव है। इस दौरान यूनिवर्सिटी के यूआईईटी निदेशक डॉ. आलोक कुमार और क्लब मेंटर डॉ. प्रबल प्रताप सिंह ने छात्रों को तकनीकी बारीकियां समझाने में सहयोग किया। सीखने का नया जरिया बना एस्ट्रोनॉमी क्लब
विश्वविद्यालय में इस तरह के आयोजनों से छात्रों के बीच विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ रही है। यह कार्यक्रम न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि इसने भविष्य के वैज्ञानिकों के मन में अंतरिक्ष को और गहराई से समझने की इच्छा जगा दी है। दो घंटे तक चले इस सत्र के अंत में छात्रों ने खगोल विज्ञान को करियर के तौर पर देखने और इसकी बारीकियों को समझने पर चर्चा की।

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