उन्नाव के चर्चित माखी कांड की पीड़िता ने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट से कानूनी सफलता मिलने के बाद एक वीडियो जारी किया है। इसमें पीड़िता ने सोशल मीडिया पर चल रहे कथित दुष्प्रचार और जातिगत समर्थन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पीड़िता ने स्पष्ट कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती और वह स्वयं क्षत्रिय समाज से है। पीड़िता ने अपने वीडियो संदेश में देशभर से मिले समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उसने कहा कि इसी समर्थन के कारण उसे तीस हजारी कोर्ट में फिर से न्याय मिला है। पीड़िता के अनुसार, यह लड़ाई केवल उसकी नहीं, बल्कि हर उस बेटी की है जो अन्याय के खिलाफ खड़ी होने का साहस करती है। पति को बदनाम करने का प्रयास पीड़िता ने आरोप लगाया कि पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थक उसे और उसके पति को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उसने कहा कि विशेष रूप से क्षत्रिय समाज के नाम पर उसके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। पीड़िता ने चिंता व्यक्त की कि कुछ लोग जाति का सहारा लेकर एक अपराधी का समर्थन कर रहे हैं, जो समाज के लिए एक खतरनाक सोच है। बलात्कारी के समर्थन में खड़ा वीडियो में पीड़िता ने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें 11 जनवरी को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थन में तथाकथित क्षत्रिय सम्मेलन बुलाने की बात कही गई है। इस पर सवाल उठाते हुए पीड़िता ने पूछा कि क्या समाज का काम एक बलात्कारी के समर्थन में खड़ा होना है। पीड़िता ने दोहराया कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती। उसने बताया कि वह स्वयं क्षत्रिय समाज से है, एक गरीब परिवार की बेटी और इस देश की नागरिक है। उसने समाज से सवाल किया कि क्या केवल बाहुबल, सत्ता और प्रभाव के कारण एक अपराधी को सही ठहराया जा रहा है।
https://ift.tt/oLpAXy3
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply