भारतीय रेलवे यांत्रिक इंजीनियर सेवा (IRSME) के 1992 बैच के वरिष्ठ अधिकारी अनिल कुमार द्विवेदी ने 1 जनवरी को उत्तर मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (PCME) का कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने यह जिम्मेदारी निवर्तमान पीसीएमई सुनील कुमार भारती की सेवानिवृत्ति के बाद ग्रहण की। श्री द्विवेदी ने कमला नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, सुल्तानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। अपने लंबे सेवाकाल के दौरान, उन्होंने पूर्वोत्तर रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे में कई महत्वपूर्ण तकनीकी और प्रशासनिक पदों पर कार्य किया है। इनमें डीजल लोको शेड गोंडा, लोको ऑपरेशन लखनऊ और गोरखपुर वर्कशॉप में अहम जिम्मेदारियां शामिल हैं। उन्होंने प्रयागराज मंडल में वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक के सचिव के रूप में कार्य करते हुए उनकी प्रशासनिक दक्षता और कार्यकुशलता की विशेष रूप से सराहना की गई। परिचालन सुधार और वित्तीय प्रबंधन में उनके योगदान के लिए उन्हें कई उच्च स्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। लखनऊ में DME/OF के पद पर रहते हुए, उन्होंने पदों के अभ्यर्पण से 36 लाख रुपये और 119 इंजन क्लीनर के रणनीतिक पुनर्नियोजन से 88 लाख रुपये की बचत कराई। गोंडा में वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (डीजल) के रूप में, उन्होंने ल्यूब ऑयल की खपत में 73 लाख रुपए की बचत की। इसके साथ ही, उन्होंने लोकोमोटिव आउटेज को निर्धारित लक्ष्य से 7.2 प्रतिशत बेहतर बनाए रखा। गोंडा डीजल शेड के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें रेल मंत्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। प्रयागराज में अपर मंडल रेल प्रबंधक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने अर्ध-कुंभ 2019 के सफल संचालन में नोडल अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस मेगा आयोजन की सफल योजना और प्रबंधन के लिए उन्हें प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा प्रशंसा पत्र तथा तत्कालीन रेल मंत्री द्वारा डीओ पत्र प्रदान किया गया। पीसीएमई का कार्यभार संभालने से पहले, वे IRIMEE में डीन के पद पर कार्यरत थे, जहां उन्होंने युवा रेलवे अधिकारियों के प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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